क्या भारत लौटाएगा शेख हसीना को? ढाका की नई डिमांड पर दिल्ली का साफ स्टैंड
News Image

नई दिल्ली: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत और पड़ोसी देश के बीच रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान इन दिनों तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रत्यर्पण बनकर उभरा है।

ढाका की मांग, दिल्ली का रुख बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। ढाका के आधिकारिक बयान के अनुसार, रहमान ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को बांग्लादेश को सौंपने का औपचारिक अनुरोध किया।

हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयानों में शेख हसीना के प्रत्यर्पण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह बांग्लादेश की नई सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वीजा प्रक्रिया होगी आसान मुलाकातों के दौरान भारत ने बांग्लादेश को बड़ा भरोसा दिया है। भारतीय पक्ष ने आश्वासन दिया है कि आने वाले हफ्तों में बांग्लादेशी नागरिकों, विशेषकर चिकित्सा और व्यापारिक श्रेणी के लोगों के लिए वीजा प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाएगा।

दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि प्रत्यर्पण संधि के तहत कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा, लेकिन शेख हसीना का मुद्दा द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति में बाधा नहीं बनेगा।

भारत में शरण लिए हुए हैं हसीना गौरतलब है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए भीषण जन-आंदोलन के बाद शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया था और उन्हें देश छोड़ना पड़ा था। तब से वह नई दिल्ली में ही रह रही हैं। बांग्लादेश की अदालतें उन्हें और उनके पूर्व सहयोगियों को मृत्युदंड की सजा सुना चुकी हैं। पिछली अंतरिम सरकार ने भी प्रत्यर्पण की मांग की थी, जिसे भारत ने तब भी सिरे से खारिज कर दिया था।

बांग्लादेश प्रथम की नीति अपनी यात्रा के दौरान खलीलुर रहमान ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार बांग्लादेश प्रथम की विदेश नीति पर काम कर रही है। यह नीति पारस्परिक सम्मान और लाभ पर आधारित है। रहमान ने भारत सरकार का शुक्रिया भी अदा किया, जिन्होंने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में मदद की है।

उच्च स्तरीय बातचीत का दौर खलीलुर रहमान ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात की है। फरवरी में बांग्लादेश में चुनाव और बीएनपी (BNP) सरकार के गठन के बाद यह किसी वरिष्ठ बांग्लादेशी नेता की पहली भारत यात्रा है। फिलहाल, दोनों देश पुरानी कड़वाहट को भुलाकर भविष्य के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते दिख रहे हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

सरायकेला खरसावां में जनगणना 2027 की तैयारी: अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

Story 1

बिहार में सत्ता का बड़ा उलटफेर: नीतीश कुमार के इस्तीफे की तारीख तय, कौन संभालेगा सूबे की कमान?

Story 1

कम सैलरी से खफा कर्मचारी ने 1300 करोड़ के गोदाम को फूंका, वीडियो बनाकर बोला- ये लो सबक

Story 1

दिल्ली पहुंचते ही नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ

Story 1

40 दिन का सन्नाटा टूटा: अल-अक्सा मस्जिद में फिर गूंजी अज़ान, 3 हजार नमाजियों ने अदा की नमाज

Story 1

कर्नाटक उपचुनाव: दावणगेरे और बागलकोट में सियासी घमासान, विरासत और बदलाव की जंग

Story 1

₹8,999 में दमदार बैटरी वाले दो नए 5G फोन लॉन्च, जानें खासियत

Story 1

नौकरी पाने की अजीब शर्त: किम जोंग उन को मोटा और बदसूरत बोलो, वरना बाहर निकलो!

Story 1

RR vs RCB: विराट-वैभव की टक्कर और इतिहास रचने को बेताब धुरंधर, आज बनेंगे ये 5 बड़े रिकॉर्ड

Story 1

‘आपको नहीं पता मैंने बहुत मैच जिताए हैं...’, कोहली से तुलना पर भड़के बाबर आजम का VIDEO वायरल