अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपना लिया है। ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के कुछ ही समय बाद ट्रंप ने नाटो देशों पर निशाना साधा है। उन्होंने साफ कहा है कि वैश्विक संकट के समय नाटो सहयोगियों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया और आगे भी ऐसी उम्मीद नहीं है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, जब हमें नाटो की जरूरत थी तब वे मौजूद नहीं थे, और अगर हमें फिर जरूरत पड़ी तो वे तब भी साथ नहीं होंगे। ग्रीनलैंड को याद रखें, वह बर्फ का एक बड़ा और खराब तरीके से प्रबंधित टुकड़ा है!
ग्रीनलैंड को लेकर यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू हुआ है। ईरान की 10 सूत्रीय मांगों पर सहमति के बाद, दोनों देशों के बीच शुक्रवार (10 अप्रैल) से इस्लामाबाद में बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। 39 दिनों तक चले संघर्ष के बाद अब कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की कोशिश हो रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने नाटो के अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया पर भी अमेरिका की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में 45,000 और जापान में 50,000 सैनिक तैनात कर रखे हैं ताकि उन्हें पड़ोसी देशों के खतरों से बचाया जा सके। ट्रंप का मानना है कि इतनी सुरक्षा देने के बावजूद इन देशों ने संकट में अमेरिका का साथ नहीं दिया।
ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड के खनिज संसाधनों और रणनीतिक स्थिति पर है। अमेरिका का दावा है कि रूस और चीन के खिलाफ सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर नियंत्रण महत्वपूर्ण है। हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेतृत्व ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने आत्मनिर्णय का अधिकार बताया है।
ट्रंप के इस बयान से यूरोपीय देशों में फिर से खलबली मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख नाटो की एकता के लिए खतरा बन सकता है। फ्रांस और जर्मनी जैसे देश पहले ही यूरोपीय संघ की सुरक्षा नीति को अधिक स्वतंत्र बनाने पर जोर दे रहे हैं, ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम की जा सके। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के बीच ट्रंप की यह आक्रामकता वैश्विक भू-राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।
US President Donald J. Trump posts, NATO WASN’T THERE WHEN WE NEEDED THEM, AND THEY WON’T BE THERE IF WE NEED THEM AGAIN. REMEMBER GREENLAND, THAT BIG, POORLY RUN, PIECE OF ICE!!! pic.twitter.com/UG2p5x6u8L
— ANI (@ANI) April 8, 2026
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