अप्रैल में बदला मौसम का मिजाज: गर्मी गायब, आखिर क्यों बार-बार यू-टर्न ले रहे बदरा ?
News Image

अप्रैल का महीना है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर से लेकर पंजाब, हरियाणा और यूपी तक लोग तपती धूप के बजाय ठंडी हवाओं और बारिश का सामना कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो मौसम नवंबर की सर्दी में लौट आया है। आसमान में छाए घने बादल और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने सबके मन में एक ही सवाल पैदा कर दिया है—आखिर यह सिलसिला कब थमेगा?

क्यों बार-बार बरस रहे हैं बादल?

मौसम विभाग के अनुसार, इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:

  1. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ: हिमालयी क्षेत्रों में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हो रहे हैं। भूमध्य सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण अप्रैल के पहले हफ्ते में ही लगातार दो-तीन विक्षोभों ने उत्तर भारत को प्रभावित किया है।
  2. अरब सागर की नमी: इस बार इन विक्षोभों को अरब सागर से अतिरिक्त नमी मिल रही है, जिससे राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) बन गया है, जो मैदानी इलाकों में पानी बरसा रहा है।
  3. जेट स्ट्रीम का U आकार: ऊंचाई पर चलने वाली हवाओं (जेट स्ट्रीम) का आकार U जैसा हो गया है। यह ठंडी हवाओं को काफी नीचे तक खींच ला रहा है, जिससे सामान्य से अधिक ठंडक महसूस हो रही है।

फसलों पर मार और आम आदमी पर असर

यह समय रबी की फसलों जैसे गेहूं और चने की कटाई का है। बेमौसम बारिश और ओलों ने यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जानकारों का कहना है कि अगर फसलें इसी तरह बर्बाद होती रहीं, तो आने वाले महीनों में अनाज और सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

दिल्ली में पारा सामान्य से 8 डिग्री नीचे

बारिश और ठंडी हवाओं का सीधा असर तापमान पर दिख रहा है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। जहां तापमान 36-38 डिग्री के आसपास होना चाहिए था, वहीं यह 30 डिग्री के इर्द-गिर्द बना हुआ है। सुबह-शाम का मौसम फरवरी की याद दिला रहा है।

कब तक राहत मिलेगी?

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 10 अप्रैल तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है। 10 अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होगा, आसमान साफ होगा और तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

हालांकि, राहत ज्यादा दिन की नहीं है। अप्रैल के आखिरी 10 दिनों में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों—खासकर राजस्थान, दक्षिण हरियाणा और बुंदेलखंड में लू (Heatwave) चलने की प्रबल संभावना है। तब पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यानी, अभी की ठंडी फुहारें गर्मी की भीषण दस्तक का पूर्वाभ्यास मात्र हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

क्रेटा-सेल्टोस की नींद उड़ाने आ रही है फॉक्सवैगन की नई टाइगुन, जानें क्या होगा खास

Story 1

BSNL का बड़ा धमाका: सिर्फ 1 रुपये में मिल रहा है सिम, साथ में अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा का तोहफा!

Story 1

अमरावती का राजधानी वाला सपना हुआ साकार, केंद्र ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन

Story 1

बंगाल पर नजर डाली तो पाकिस्तान के होंगे कई टुकड़े , राजनाथ सिंह का ख्वाजा आसिफ को करारा जवाब

Story 1

सलमान खान की गलतफहमी और राजपाल यादव का बचाव: एक मज़ाक ने कैसे दी भाईजान को मात?

Story 1

पटना में गैस का बवाल : बुकिंग के बाद 10 दिन का इंतजार, सरकार सख्त

Story 1

ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी: एक रात में खत्म कर देंगे पूरा देश

Story 1

आग के गोले में तब्दील हुआ पनामा का ब्रिज ऑफ द अमेरिका , जान बचाने के लिए लपटों के बीच से दौड़ाईं कारें

Story 1

जान बचाना है तो ट्रेन से दूर रहें: इजरायल की ईरान को खुली चेतावनी, अगले 12 घंटे में बड़े हमले का अंदेशा!

Story 1

इसे हटाओ, तुरंत रिजल्ट मिलेगा... PSL में मोहम्मद रिजवान की कप्तानी पर फूटा पूर्व क्रिकेटर का गुस्सा