चेन्नई के एक सरकारी डॉक्टर की सैलरी स्लिप ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। मद्रास मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजिस्ट के तौर पर तैनात डॉ. जैसन फिलिप ने अपनी मार्च 2026 की पे-स्लिप शेयर करते हुए सरकारी नौकरी की हकीकत बयां की है।
तीन दशक का अनुभव, फिर भी कम वेतन डॉ. फिलिप पिछले 28 वर्षों से सरकारी सेवा में हैं। इतने लंबे अनुभव के बाद उनकी इन-हैंड सैलरी केवल 1.3 लाख रुपये है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने नाराजगी जताई है। कई लोगों का तर्क है कि इतने वरिष्ठ डॉक्टर के लिए यह राशि उनके अनुभव और मेहनत के मुकाबले काफी कम है।
प्राइवेट सेक्टर से बड़ी तुलना सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जानकारों का कहना है कि अगर यही डॉक्टर किसी निजी अस्पताल में काम करते, तो आसानी से 2 से 5 लाख रुपये या उससे भी अधिक कमाई कर सकते थे। यही कारण है कि कई यूजर्स उन्हें सरकारी नौकरी छोड़कर प्राइवेट सेक्टर में जाने की सलाह दे रहे हैं।
दिग्गज डॉक्टरों का समर्थन इस मुद्दे पर मशहूर डॉक्टर सुधीर कुमार ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के अनुभव और उनकी सेवाओं के साथ सरकार का यह व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने डॉ. फिलिप का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें वही रास्ता चुनना चाहिए जहां उन्हें उनके काम का सही सम्मान और संतुष्टि मिल सके।
नौकरी छोड़ने के संकेत सैलरी स्लिप वायरल होने के बाद डॉ. फिलिप ने भी अपने मन की बात साझा की है। उन्होंने संकेत दिया है कि वे सरकारी नौकरी छोड़ने और निजी प्रैक्टिस शुरू करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हालांकि, अभी उन्होंने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
व्यवस्था पर बड़ा सवाल भारत में सरकारी और प्राइवेट डॉक्टरों की सैलरी में जमीन-आसमान का अंतर कोई नई बात नहीं है। सरकारी अस्पतालों में काम का भारी दबाव और सीमित वेतन हमेशा से चिंता का विषय रहा है। इस घटना ने एक बार फिर से स्वास्थ्य प्रणाली में डॉक्टरों के मानदेय और उनकी सुरक्षा को लेकर बहस को जिंदा कर दिया है।
My latest Payslip for March-2026. 1.3 L in hand, after 28 yrs of Govt Service. Suggestions, friends? pic.twitter.com/3NDf9tWCif
— Dr Jaison Philip. M.S., MCh (@Jasonphilip8) April 5, 2026
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