नासा का आर्टेमिस II मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने जा रहा है। मिशन का ओरियन अंतरिक्ष यान, जिसे इंटीग्रिटी नाम दिया गया है, इस समय चंद्रमा की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। यह यात्रा मानव इतिहास में दर्ज होने वाली सबसे लंबी दूरी की उड़ान बनने वाली है।
4 लाख किमी से अधिक की दूरी का नया कीर्तिमान
नासा के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7:05 बजे (भारतीय समयानुसार) ओरियन पृथ्वी से 4,06,773 किलोमीटर की अधिकतम दूरी पर होगा। यह दूरी अप्रैल 1970 में अपोलो 13 द्वारा तय की गई 2,48,655 मील की दूरी से लगभग 4,102 मील अधिक है। यह पहली बार होगा जब चालक दल के साथ कोई यान पृथ्वी से इतनी दूर स्थित होगा।
क्रिस्टीना कोच ने रचा इतिहास
इस मिशन की विशेषज्ञ क्रिस्टीना कोच ने एक व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। वे पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने वाली दुनिया की पहली महिला बन गई हैं। शुक्रवार को उन्होंने अन्य महिला अंतरिक्ष यात्रियों के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए। उनके साथ कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी इस साहसिक यात्रा का हिस्सा हैं।
तकनीकी चुनौतियों के बीच हौसले बुलंद
अंतरिक्ष की कठिन परिस्थितियों में चालक दल को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। यान के टॉयलेट में आई एक तकनीकी खराबी को क्रिस्टीना कोच ने सफलतापूर्वक ठीक किया। इसके अलावा, चालक दल स्पेस सिकनेस और रेडिएशन के उच्च स्तर से भी जूझ रहा है। नासा के वैज्ञानिक निरंतर उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं ताकि मिशन सुरक्षित रूप से जारी रहे।
चांद की फार साइड का दीदार
आर्टेमिस II एक फ्लाईबाई मिशन है, जिसका अर्थ है कि चालक दल चंद्रमा की सतह पर उतरेगा नहीं, बल्कि उसके बेहद करीब से गुजरेगा। यह टीम चंद्रमा के उस फार साइड (अदृश्य हिस्से) को करीब से देख पाएगी, जो पृथ्वी से कभी दिखाई नहीं देता। चंद्रमा से महज 4,066 मील की दूरी से गुजरना इस मिशन का सबसे रोमांचक हिस्सा होगा।
मिशन का अंतिम लक्ष्य: वापसी की तैयारी
चंद्रमा का चक्कर लगाने के बाद, ओरियन फ्री-रिटर्न प्रक्षेपवक्र का उपयोग करते हुए वापस पृथ्वी की ओर रुख करेगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य लाइफ सपोर्ट सिस्टम और सुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण करना है, ताकि भविष्य के आर्टेमिस III मिशन में इंसानों को सुरक्षित रूप से चंद्रमा की सतह पर उतारा जा सके। सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो ओरियन कैप्सूल 10 अप्रैल 2026 को प्रशांत महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन करेगा।
As communities gather this weekend, @AstroVicGlover reflects on the shared spaceship we all call home: Earth. pic.twitter.com/GpwdeovpCR
— NASA (@NASA) April 5, 2026
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