अंतरिक्ष की यात्रा जितनी रोमांचक लगती है, वहां शरीर को फिट रखना उतना ही चुनौतीपूर्ण है। नासा का आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन इस समय अंतरिक्ष में है, जहां जीरो ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण की कमी) के कारण एस्ट्रोनॉट्स की हड्डियों और मांसपेशियों के कमजोर होने का खतरा बना रहता है। इस चुनौती से निपटने के लिए नासा ने ओरियन कैप्सूल में एक अनोखा समाधान निकाला है।
बिना वजन के कैसे होती है कसरत? धरती पर जिम में वजन उठाना आसान है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण उसे नीचे खींचता है। लेकिन अंतरिक्ष में वजन ही नहीं है, तो कसरत कैसे करें? नासा के इंजीनियरों ने इसके लिए फ्लाईव्हील डिवाइस (Flywheel Device) का इस्तेमाल किया है। यह मशीन एक छोटे सूटकेस के आकार की है और ओरियन कैप्सूल की तंग जगह में आसानी से फिट हो जाती है।
क्या है फ्लाईव्हील डिवाइस की खासियत? यह मशीन पारंपरिक लोहे के डंबल्स या प्लेटों पर निर्भर नहीं है। यह जड़त्व (Inertia) के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें एक तेजी से घूमने वाली डिस्क (Spinning Disk) लगी है। जब एस्ट्रोनॉट इसे खींचते हैं, तो डिस्क घूमती है और वापस खींचने पर उतना ही प्रतिरोध (Resistance) पैदा करती है। यह छोटा सा डिवाइस 180 किलोग्राम तक का रेजिस्टेंस पैदा कर सकता है।
एस्ट्रोनॉट्स की सेहत क्यों है प्राथमिकता? अंतरिक्ष में अगर एस्ट्रोनॉट्स रोजाना कम से कम 30 मिनट कसरत न करें, तो 10 दिन के भीतर ही उनकी मांसपेशियां कमजोर होने लगेंगी और धरती पर लौटने के बाद उनके पैर कांपने लगेंगे। हड्डियों से कैल्शियम कम होना भी एक बड़ी समस्या है। चूंकि यह 50 साल बाद चांद पर इंसान की पहली वापसी है, इसलिए नासा कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
तंग जगह: जिम और किचन आमने-सामने ओरियन कैप्सूल का आकार लगभग दो मिनी वैन के बराबर है। जगह की भारी कमी के बावजूद, मिशन का प्रबंधन बेहतरीन है। एक तरफ पायलट विक्टर ग्लोवर इस मशीन पर पसीना बहाते हैं, तो दूसरी तरफ जेरेमी हैनसन उसी तंग जगह में क्रू के लिए खाना तैयार कर रहे होते हैं। यह एक साथ जिम और किचन जैसा नजारा है।
मिशन का अगला पड़ाव अर्टेमिस-2 मिशन फिलहाल पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रहा है। आज दोपहर के बाद ओरियन कैप्सूल चांद के पीछे से गुजरेगा। कल, यानी सोमवार 6 अप्रैल को यह स्पेसक्राफ्ट चांद के सबसे करीब (7,400 किमी) होगा। नासा की टीम लगातार अंतरिक्ष यान के तापमान और एस्ट्रोनॉट्स के स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी कर रही है।
Avec un vaisseau 1/3 + grand qu’#Apollo, #Orion offre suffisamment de place pour s’entretenir physiquement comme ici @AstroVicGlover sur le #Flywheel #Artemis2 @NASAArtemis. #Lachroniquespatiale pic.twitter.com/jxzR9bIhB0
— LCSpatiale 👨🚀🚀🛰️📡 (@Ajmeunier) April 4, 2026
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