नासा का ओरियन स्पेसक्राफ्ट अपने ऐतिहासिक मिशन पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च हुआ यह यान अब अपनी मंजिल के आधे से ज्यादा सफर को पूरा कर चुका है। 4 अप्रैल की शाम तक यान सफलतापूर्वक अपने छठे पड़ाव के करीब पहुँच गया है।
हम अब चाँद की ओर बढ़ रहे हैं अंतरिक्ष यात्रियों ने धरती के लोगों के लिए एक उत्साहजनक संदेश भेजा है— Lock in, we’re Moonbound. आर्टेमिस-2 के चारों एस्ट्रोनॉट्स अब चाँद के उस हिस्से की ओर बढ़ रहे हैं जिसे दूसरी तरफ (Far side of the Moon) कहा जाता है। यहाँ से वे चाँद की उन दुर्लभ तस्वीरों को कैमरे में कैद करेंगे जो अब तक मानव आंखों से ओझल रही हैं।
चाँद के रहस्यों पर रिसर्च की शुरुआत मिशन की सबसे बड़ी गुड न्यूज यह है कि क्रू ने चाँद के खास लैंडमार्क्स का अध्ययन शुरू कर दिया है। ओरियन जैसे ही चाँद के करीब से गुजरेगा, अंतरिक्ष यात्री घंटों तक इसकी सतह की बारीकियों का विश्लेषण करेंगे। यह डेटा दशकों से जमा की गई जानकारी में नई और महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ेगा।
माइक्रोग्रैविटी में काम करने की चुनौती अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण (माइक्रोग्रैविटी) एस्ट्रोनॉट्स का जीवन चुनौतीपूर्ण है। यहाँ ऊपर या नीचे जैसी कोई दिशा नहीं होती। ऐसे में यान का क्रू अपनी स्थिति को ट्रैक करने और सतह की आकृतियों को पहचानने के लिए चाँद के बड़े लैंडमार्क्स का एक मैप की तरह उपयोग कर रहा है।
5632 किमी प्रति घंटे की रफ्तार इतनी लंबी दूरी तय करने के लिए ओरियन स्पेसक्राफ्ट 5632 किमी प्रति घंटे की जबरदस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। यह यात्रा सीधी रेखा में नहीं है; यान अंतरिक्ष में 8 (figure-eight) की आकृति बनाते हुए चाँद का चक्कर लगाएगा और फिर सुरक्षित धरती पर लौटेगा।
धरती से दूरी और मिशन का गणित आमतौर पर धरती से चाँद की दूरी 3.84 लाख किलोमीटर मापी जाती है, लेकिन आर्टेमिस-2 का यह मिशन इस दूरी से कहीं अधिक सफर तय कर रहा है। अंतरिक्ष यात्री लगातार अपने अनुभव, चाँद की तस्वीरें और यान के भीतर की गतिविधियाँ धरती पर शेयर कर रहे हैं, ताकि दुनिया इस रोमांचक सफर का हिस्सा बन सके।
Lock in, we’re Moonbound.
— NASA (@NASA) April 4, 2026
Artemis II astronauts are more than halfway to their destination, and preparations for lunar flyby are underway. During their trip around the far side of the Moon, they will capture imagery to share with scientists (and you, too!). pic.twitter.com/T2z4W2XLCt
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