बगहा: दिल्ली से मुजफ्फरपुर तक चलने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस के विस्तार का मुद्दा गरमा गया है। समस्तीपुर तक इस ट्रेन को बढ़ाने के प्रस्ताव पर रेलवे के स्थानीय हितधारकों ने तीखा विरोध जताया है।
अव्यावहारिक है विस्तार का प्रस्ताव मंडल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य राकेश सिंह ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अव्यावहारिक करार दिया है। उनका कहना है कि यह निर्णय चंपारण के रेल यात्रियों के हितों के साथ खिलवाड़ है।
नीतीश कुमार की सौगात थी यह ट्रेन राकेश सिंह ने याद दिलाया कि जब इस ट्रेन की शुरुआत हुई थी, तब तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने इसे विशेष रूप से चंपारण के यात्रियों को दिल्ली की सीधी कनेक्टिविटी देने के लिए शुरू किया था। इसे आगे बढ़ाना इसके मूल उद्देश्य को खत्म करने जैसा है।
समस्तीपुर के पास पहले से ही कई ट्रेनें विरोध का मुख्य आधार यह है कि समस्तीपुर से दिल्ली के लिए पहले से ही संपर्क क्रांति, राजधानी, वैशाली, स्वतंत्रता सेनानी, आम्रपाली और गरीब रथ जैसी दर्जनों गाड़ियां उपलब्ध हैं। इसके विपरीत, नरकटियागंज रूट पर यात्रियों के पास सीमित विकल्प हैं।
सीटों के लिए बढ़ेगा संघर्ष चंपारण रूट पर फिलहाल सप्तक्रांति और सत्याग्रह एक्सप्रेस ही यात्रियों का बड़ा सहारा हैं। राकेश सिंह का तर्क है कि यदि सप्तक्रांति को समस्तीपुर तक बढ़ाया जाता है, तो चंपारण के यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो जाएगा।
वैकल्पिक सुझाव और आंदोलन की धमकी समिति सदस्य ने सुझाव दिया कि समस्तीपुर के जनप्रतिनिधियों को नई ट्रेनें चलाने की मांग करनी चाहिए, न कि मौजूदा ट्रेनों को खींचने की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस विस्तार को लागू किया गया, तो चंपारण के यात्री सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
सांसदों से हस्तक्षेप की मांग राकेश सिंह ने वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी के सांसदों से इस विषय पर सक्रिय होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि चंपारण की लाइफलाइन मानी जाने वाली इस ट्रेन के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*बगहा: सप्तक्रांति एक्सप्रेस के विस्तार का विरोध तेज. समस्तीपुर तक विस्तार के प्रस्ताव पर आपत्ति. कहा- चम्पारण के यात्रियों के हितों पर असर. रेलवे समिति सदस्य राकेश सिंह का बयान. बताया- यह प्रस्ताव अव्यवहारिक. इस रूट पर सीमित ट्रेनें ही उपलब्ध. सीट मिलना पहले से ही मुश्किल.… pic.twitter.com/LvN8txsLYn
— Prabhat Khabar (@prabhatkhabar) April 4, 2026
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