ईरान के खिलाफ अमेरिका एक ऐसा बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है, जो वैश्विक शांति को पूरी तरह से तबाह कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य लक्ष्य अब ईरान का एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉक है। इसके लिए अमेरिका न केवल हवाई हमले, बल्कि जमीन पर अपने सैनिकों को उतारने (बूट्स ऑन द ग्राउंड) के जोखिम भरे प्लान पर भी काम कर रहा है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सैटेलाइट के जरिए ईरान के हर कदम पर नजर रखे हुए है। ट्रंप ने कहा, अगर ईरान ने यूरेनियम को लेकर कोई भी हलचल करने की कोशिश की, तो अमेरिका उन पर बेहद घातक मिसाइल हमले करेगा। अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि ईरान के पास 60% एनरिच्ड यूरेनियम रखने का कोई तर्क नहीं है, क्योंकि यह परमाणु बम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मौत की गहराई में छिपा खजाना ईरान ने अपने यूरेनियम को इस्फहान और नतांज जैसी साइटों पर छुपा रखा है, जो ग्रेनाइट की कठोर चट्टानों में 500 मीटर की गहराई में स्थित हैं। ये साइटें किसी अभेद्य किले से कम नहीं हैं। ट्रंप की योजना है कि अमेरिकी सैनिक इन मौत के कुओं तक पहुंचें और वहां से परमाणु सामग्री को खोदकर बाहर निकालें।
पैराशूट से उतरेगी अमेरिकी फौज मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिशन के लिए अमेरिका अपनी स्पेशल फोर्स, संभवतः 82वीं एयरबोर्न डिवीजन रेंजर्स का उपयोग कर सकता है। इन सैनिकों को पैराशूट के जरिए सीधे न्यूक्लियर साइटों पर उतारने की रणनीति पर मंथन चल रहा है। हालांकि, ग्राउंड ऑपरेशन के दौरान ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमले अमेरिकी सैनिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे।
जहरीले एसिड और विस्फोट का खतरा यह मिशन जितना खतरनाक है, उतना ही प्राणघातक भी। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यूरेनियम यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड गैस के रूप में है। हवा के संपर्क में आते ही यह हाइड्रोफ्लोरिक एसिड बन जाता है, जो हड्डियों तक को गलाने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, 60% एनरिच्ड यूरेनियम एक जगह होने से वहां न्यूक्लियर चेन रिएक्शन और बड़े विस्फोट का खतरा भी बना रहता है।
क्या यह वर्ल्ड वॉर-3 की शुरुआत है? अमेरिकी मिशन की राह में मुश्किलें कम नहीं हैं। सैनिकों को न केवल 40-50 यूरेनियम सिलेंडरों को ढूंढना होगा, बल्कि वहां अस्थायी हवाई अड्डा बनाकर इसे एयरलिफ्ट भी करना होगा। इस दौरान अगर कोई छोटी सी चूक हुई, तो वहां मौजूद अमेरिकी सैनिक मौत के मुंह में चले जाएंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका ने इस मिशन को अंजाम दिया, तो यह सीधे तौर पर तीसरे विश्वयुद्ध की नींव रखेगा।
🛑 US President Donald Trump on Iran s enriched uranium
— War Victor (@WarVictor_2630) April 2, 2026
We have it under intense satellite surveillance and control.
If we see them make a move — even a move for it — we will hit them with missiles, very hard.
We have all the cards, they have none. pic.twitter.com/YFePYincxy
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