जो डर गया, समझो मर गया : राघव चड्ढा के खिलाफ AAP ने खोला मोर्चा, आतिशी और सौरभ ने पूछे तीखे सवाल
News Image

आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर एक बड़ा आंतरिक विवाद खुलकर सामने आ गया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी से हटा दिया है। सांसद पद से उपनेता (डिप्टी लीडर) पद से हटाए जाने के बाद से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और चड्ढा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।

अशोक मित्तल को जिम्मेदारी, राघव पर गिरी गाज पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। फैसले के बाद चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर अपनी खामोशी पर सफाई दी थी, जिसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आड़े हाथों लिया है।

सौरभ भारद्वाज का हमला: बुजदिली बर्दाश्त नहीं दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा के वीडियो पर सीधा पलटवार किया। उन्होंने कहा, राघव भैया, हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने एक ही बात सीखी है— जो डर गया, समझो मर गया ।

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चड्ढा संसद में बड़े मुद्दों के बजाय सॉफ्ट पीआर में व्यस्त रहे। उन्होंने कहा कि जब पूरा विपक्ष चुनाव आयोग और भाजपा सरकार के खिलाफ खड़ा था, तब AAP का पक्ष रखने के बजाय चड्ढा की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

आतिशी ने याद दिलाईं पुरानी गलतियां कैबिनेट मंत्री आतिशी ने चड्ढा पर निशाना साधते हुए उनसे सीधा सवाल किया कि वे भाजपा से डरते क्यों हैं? उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी संकट और पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर खतरे जैसे गंभीर मुद्दों पर चड्ढा ने सदन में मौन साधे रखा।

आतिशी ने चड्ढा के लंदन जाने के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि जब अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के तमाम नेता सलाखों के पीछे थे और कार्यकर्ता सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, तब चड्ढा इलाज के बहाने लंदन में थे।

पार्टी में गहराती दो धड़ों की खाई यह विवाद केवल पद छीनने तक सीमित नहीं है। जानकारों का मानना है कि AAP के भीतर दो विचारधाराओं का टकराव हो रहा है। एक धड़ा, जिसमें आतिशी, सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह जैसे नेता हैं, जो अरविंद केजरीवाल की लड़ाकू और निडर राजनीति को सर्वोपरि मानते हैं।

वहीं, राघव चड्ढा पर सॉफ्ट अप्रोच अपनाने और व्यक्तिगत छवि चमकाने के आरोप लग रहे हैं। चड्ढा का कहना है कि उन्हें चुप कराया गया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संसद का समय जनहित के मुद्दों के लिए है, न कि निजी ब्रांडिंग के लिए।

अब आगे क्या? जो डर गया, समझो मर गया का नारा अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आम आदमी पार्टी के लिए यह समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। क्या यह आंतरिक कलह पार्टी को और मजबूत करेगी या फिर दरारें और गहरी होंगी, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, राघव चड्ढा का पार्टी में अब तक का वर्चस्व अब सवालों के घेरे में है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

थलपति विजय का दरियादिल अंदाज: रोड शो के दौरान सड़क पर गिरे कपल के लिए रुकवा दिया अपना काफिला

Story 1

PoK की घर वापसी तय: ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख का बड़ा दावा

Story 1

ईरान की कैद में अमेरिकी पायलट? F-35 गिराने के बाद मंडराया युद्ध का खतरा

Story 1

IPL 2026: पीली जर्सी का बदलता रंग- धोनी के बिना CSK की नई जंग और पुरानी पहचान की तलाश

Story 1

मौत के मुंह से खींच लाए जिंदगी: दीघा बीच पर डूबते दादा-पोती को बचाने का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो

Story 1

आसमान में दिखा ट्रंप का अजब मैसेज: वो राजा नहीं, तुम्हारा बाप है

Story 1

पैसों का अनोखा बिजनेस: चिल्लर बेचकर मालामाल हो रहा है ये शख्स, वीडियो देख लोग हैरान

Story 1

गाज़ा का दिल दहलाने वाला सच: जब बच्चों के खेल में शामिल हुआ जनाज़ा

Story 1

मालदा घेराव कांड: मास्टरमाइंड मोफक्करुल इस्लाम की गिरफ्तारी से खुलेंगे कई राज

Story 1

तुम डर गए हो... , राघव चड्ढा के वीडियो पर AAP का तीखा पलटवार