ईरान के साथ जारी तनावपूर्ण युद्ध के बीच अमेरिकी सेना को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख (आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ) जनरल रैंडी ए जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त (रिटायर) होने का आदेश दिया है। इस फैसले ने पेंटागन और वैश्विक रक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है।
अचानक क्यों लिया गया फैसला? पेंटागन के प्रवक्ता सीन पर्नेल ने इस बर्खास्तगी की पुष्टि करते हुए कहा कि रैंडी जॉर्ज का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गया है। हालांकि, इस अचानक लिए गए फैसले के पीछे कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ ईरान युद्ध के जल्द खत्म होने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में सैनिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। ऐसे में युद्ध के बीच शीर्ष सैन्य कमांडर को हटाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
कौन हैं नए आर्मी चीफ? जनरल रैंडी जॉर्ज की जगह जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को कार्यवाहक आर्मी चीफ नियुक्त किया गया है। ला-नेव 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पूर्व कमांडर रह चुके हैं और रक्षा मंत्री हेगसेथ के करीबी माने जाते हैं। वह इससे पहले दक्षिण कोरिया में अमेरिकी आठवीं सेना की कमान संभाल रहे थे।
ट्रंप प्रशासन का सफाई अभियान यह बदलाव रक्षा मंत्री हेगसेथ द्वारा अमेरिकी सैन्य ढांचे में किए जा रहे व्यापक फेरबदल का हिस्सा है। अब तक एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाया जा चुका है। माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन उन सभी अधिकारियों को बाहर कर रहा है, जो पिछली सरकार की नीतियों या डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन (DEI) जैसे एजेंडे से प्रभावित थे। हेगसेथ रक्षा विभाग में अपनी विचारधारा के अनुरूप अधिकारियों को तैनात करने में जुटे हैं।
आगे और भी हो सकती हैं बर्खास्तगी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना में अभी और भी विदाई देखने को मिल सकती है। चर्चा है कि चीफ ऑफ चैपलिन मेजर जनरल विलियम ग्रीन और जनरल डेविड होडने को भी हटाया गया है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन अपने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे को लागू करने के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है।
युद्ध के बीच नेतृत्व परिवर्तन, कितना सुरक्षित? ईरान युद्ध के बीच शीर्ष जनरलों को हटाना रणनीतिक रूप से जोखिम भरा माना जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के दौरान नेतृत्व में अनिश्चितता पैदा होने से जमीनी स्तर पर सैनिकों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ईरान पर बड़ा हमला हो सकता है, ऐसे में यह फेरबदल यह दर्शाता है कि राष्ट्रपति अपनी पसंद की टीम के साथ इस मिशन को अंजाम देना चाहते हैं।
जनरल रैंडी जॉर्ज का करियर वेस्ट प्वाइंट मिलिट्री अकादमी से स्नातक जनरल रैंडी जॉर्ज ने इराक और अफगानिस्तान जैसे प्रमुख युद्धों में सेवा दी थी। उन्हें 2023 में आर्मी चीफ नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल 2027 तक था। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के करीबी रहे जॉर्ज की विदाई यह स्पष्ट करती है कि पेंटागन में पुराने दौर की पूरी तरह से समाप्ति की जा रही है।
Pete Hegseth has asked Army Chief of Staff Gen. Randy George to step down and take immediate retirement according to CBS pic.twitter.com/NhUsh1Z7jh
— Visegrád 24 (@visegrad24) April 2, 2026
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