कर्नाटक के चन्नपटना से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया को भावुक कर दिया है। रायरा डोड्डी गांव की रहने वाली 85 वर्षीय पार्वतम्मा का निधन हो गया, लेकिन उनकी अंतिम विदाई पर जो हुआ, उसने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया।
बेजुबान का अटूट लगाव पार्वतम्मा का अपने घर के आसपास रहने वाले बंदरों से गहरा नाता था। लोग जिन्हें अक्सर एक आफत समझते थे, उन्हें पार्वतम्मा अपने बच्चों की तरह दुलारती थीं और रोज खाना खिलाती थीं। उन्हें क्या पता था कि उनकी यही ममता एक बेजुबान को उनका सबसे बड़ा मुरीद बना देगी।
शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोया बंदर जब पार्वतम्मा का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए आंगन में रखा गया, तो एक बंदर वहां पहुंचा। उसने न कोई शोर मचाया और न ही भोजन की तलाश की। वह सीधे शव के पास गया, मृतका के चेहरे को बड़े प्यार से छुआ और फिर उनके सीने से लगकर फूट-फूटकर रोने लगा। यह दृश्य देख वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
इंसानियत को आईने में दिखाता वीडियो यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि इंसान अक्सर एहसान भूल जाता है, लेकिन ये जानवर मरते दम तक प्यार का कर्ज निभाते हैं। पार्वतम्मा द्वारा दी गई रोटियों का मोल उस बंदर ने अपने आंसुओं से चुकाया है।
वफादारी की मिसालें यह पहली बार नहीं है जब जानवरों की संवेदनशीलता चर्चा में आई है। इससे पहले हिमाचल के चंबा में भी एक वफादार कुत्ता बर्फबारी के बीच अपने मालिक के शव के पास घंटों रक्षा करता पाया गया था। ये घटनाएं साबित करती हैं कि प्यार और वफादारी के रिश्ते सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये बेजुबान अहसासों की भाषा हमसे बेहतर समझते हैं।
*शव से लिपटकर बंदर ने दी विदाई
— NDTV India (@ndtvindia) April 1, 2026
कर्नाटक के रामनगर जिले के चन्नपटना के रायरा डोड्डी गांव में एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई. यहां 85 वर्षीय महिला पार्वतम्मा का उम्र से जुड़ी बीमारी के कारण निधन हो गया. पार्वतम्मा अपने घर के पास आने वाले कुछ बंदरों को रोजाना खाना खिलाती थीं. जब… pic.twitter.com/MUkIQLpG9M
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