कुर्सी जाएगी तो जाएगी! नोएडा जाने के अंधविश्वास पर सीएम योगी का सीधा और तल्ख प्रहार
News Image

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पुराने सियासी अंधविश्वासों पर बहस छिड़ गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस पुरानी धारणा को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसके चलते दशकों तक प्रदेश के मुख्यमंत्री नोएडा जाने से परहेज करते थे।

एक दिन तो कुर्सी जानी ही है लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार सलाह दी गई थी कि वे नोएडा न जाएं, क्योंकि मान्यता थी कि वहां जाने वाला मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी गंवा देता है।

इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, एक दिन तो कुर्सी जानी ही है, फिर उसके डर से विकास कार्य क्यों रोका जाए? योगी का यह बयान न केवल उनके निडर व्यक्तित्व को दर्शाता है, बल्कि पुरानी राजनीतिक रूढ़ियों पर सीधा प्रहार भी है।

अंधविश्वास बनाम जनहित सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि वे आस्था में विश्वास रखते हैं, लेकिन अंधविश्वास को बिल्कुल नहीं मानते। उन्होंने कहा कि नोएडा से दूरी बनाने के पीछे का असली कारण अंधविश्वास नहीं, बल्कि पिछली सरकारों की प्रशासनिक विफलताएं और जनता के प्रति उदासीनता थी।

उन्होंने याद दिलाया कि नोएडा में लाखों लोगों के साथ अन्याय हुआ था। लगभग चार लाख खरीदार ऐसे थे, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई घर पाने के लिए लगा दी थी, लेकिन न तो उन्हें घर मिला और न ही उनका पैसा वापस हुआ।

चार लाख परिवारों को मिला हक मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए बताया कि नोएडा का मुद्दा सिर्फ एक शहर का नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों का था। सरकार ने नीतियों में बदलाव कर अब तक करीब चार लाख लोगों को उनके घर दिलाए हैं।

उनका कहना है कि बिल्डरों की समस्याओं को सुलझाकर और नीतियां बनाकर सरकार ने उस जटिल गांठ को खोला है, जिसे पिछली सरकारें शायद छूने से भी डरती थीं।

लूट का एटीएम बनाम विकास यह बयान ऐसे समय आया है जब नोएडा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही समाजवादी पार्टी पर नोएडा को लूट का एटीएम बनाने का आरोप लगाया था।

हालांकि, मुख्य विपक्षी दल सपा इन दावों को खारिज करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन सीएम योगी का यह ताजा बयान साफ कर देता है कि वे नोएडा को अंधविश्वास के दायरे से बाहर निकालकर उसे विकास की नई धुरी बनाने की रणनीति पर अडिग हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

WhatsApp का नया स्मार्ट फीचर: अब बिना चैट खोले पढ़ सकेंगे मैसेज का सार

Story 1

क्या आप माता-पिता बनने की तैयारी कर रहे हैं? जानिए बच्चे के शुरुआती 3 सालों का असली खर्च का गणित

Story 1

IPL 2026: चेकिंग के दौरान बैट गेज में फंसा रोहित का बल्ला, हिटमैन के जवाब ने मचाया बवाल

Story 1

60 साल बनाम 12 साल : नक्सलवाद के खात्मे पर कंगना रनौत का कांग्रेस पर बड़ा प्रहार

Story 1

बॉल टैंपरिंग विवाद: शाहीन अफरीदी के लड़खड़ाए बोल, रमीज राजा के सवालों ने घेरा!

Story 1

14 साल का वनवास खत्म: IPL के पहले मैच में मुंबई इंडियंस की ऐतिहासिक जीत, नीता अंबानी का भावुक संदेश

Story 1

राजस्थान दिवस या सियासी रार: स्थापना को लेकर दो तारीखों पर आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस

Story 1

रामपुर: 5 बच्चों को नशा देकर प्रेमी संग फरार हुई मां , कबूलनामे ने उड़ाए सबके होश

Story 1

क्या पाकिस्तान ईरान-अमेरिका के बीच बन पाएगा मध्यस्थ? जम्मू-कश्मीर के नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

Story 1

गोली का जवाब गोली से: अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलियों को दी सीधी चेतावनी