हुंडई का बड़ा एक्शन: 1.32 लाख लग्जरी SUV वापस मंगवाईं, पावर सीट बनीं मासूम की मौत का कारण
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आज के दौर में हम गाड़ियों के लग्जरी फीचर्स को सुरक्षा की गारंटी मानते हैं, लेकिन कभी-कभी यही तकनीक जानलेवा साबित हो सकती है। हुंडई की मशहूर SUV पैलिसैड (Palisade) एक बेहद दुखद घटना के बाद चर्चा में है। एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत के बाद कंपनी ने अपनी इस प्रीमियम गाड़ी को ग्लोबल मार्केट से वापस बुलाने का फैसला किया है।

आखिर क्या है पूरा मामला? इस त्रासदी की मुख्य वजह कार की तीसरी कतार (Third Row) में दी गई पावर फोल्डिंग सीट है। आधुनिक कारों में एंटी-पिंच सेंसर लगाए जाते हैं, जिनका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि अगर सीट या शीशा बंद होते समय बीच में कोई हाथ या शरीर का हिस्सा आए, तो मशीन तुरंत रुक जाए। पैलिसैड के मामले में यह सेंसर अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रहा।

सेंसर की नाकामी ने ली जान रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक दो साल का बच्चा सीट के नीचे दब गया और सेंसर के सही समय पर काम न करने की वजह से उसे बचाया नहीं जा सका। कंपनी ने स्वीकार किया है कि खास तौर पर लिमिटेड और कैलिग्राफी वेरिएंट्स में यह तकनीकी खराबी देखी गई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कंपनी ने तुरंत प्रभाव से बिक्री पर रोक लगा दी है।

करोड़ों का खर्च और साख का संकट इस खराबी को सुधारने के लिए हुंडई ने उत्तरी अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों से लगभग 1,32,000 गाड़ियों को रिकॉल किया है। जानकारों का कहना है कि इस बड़े सुधार अभियान में कंपनी को करीब 550 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च उठाना पड़ सकता है। हालांकि यह रकम कंपनी के लिए बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन ग्राहकों के भरोसे और ब्रांड की इमेज को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई करना बड़ी चुनौती है।

कार मालिकों के लिए चेतावनी हुंडई फिलहाल प्रभावित गाड़ियों के सॉफ्टवेयर और सीट असेंबली को दुरुस्त करने पर काम कर रही है। यह घटना हर उस कार मालिक के लिए एक चेतावनी है जो अपनी गाड़ी के ऑटोमैटिक फीचर्स पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक यह तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, बच्चों को कार की पावर सीट्स के पास अकेला न छोड़ें। तकनीक कितनी भी एडवांस हो, मानवीय चौकसी का कोई विकल्प नहीं है।

भारत में क्या है स्थिति? हुंडई पैलिसैड एक प्रीमियम 7-8 सीटर SUV है, जो भारत में टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी कारों को टक्कर दे सकती है। भारत में इसकी अनुमानित कीमत करीब 40 लाख से 60 लाख रुपये के बीच होने की संभावना है। फिलहाल भारतीय बाजार में इस गाड़ी की उपलब्धता और रिकॉल को लेकर कंपनी की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

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