जेपी ग्रुप की बोली: अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा, बोले- जीतने की लिखित पुष्टि के बाद बदला गया फैसला
News Image

माइनिंग दिग्गज वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अग्रवाल का दावा है कि उनकी कंपनी को आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया था कि उन्होंने जेपी ग्रुप की संपत्ति के लिए बोली जीत ली है, लेकिन बाद में इस फैसले को पलट दिया गया।

क्या है अनिल अग्रवाल का आरोप? अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि दिवाला प्रक्रिया के दौरान वेदांता को सार्वजनिक रूप से सबसे ऊंची बोली लगाने वाला घोषित किया गया था। उन्हें लिखित में इसकी जानकारी भी मिली थी, लेकिन कुछ दिनों के भीतर ही बाजी पलट दी गई। अग्रवाल ने इस बदलाव के पीछे के कारणों पर विस्तार से बात नहीं की, लेकिन इसे लेकर सवाल जरूर उठाए हैं।

अडाणी ग्रुप की एंट्री और विवाद इस दौड़ में गौतम अडाणी का ग्रुप मुख्य दावेदार बनकर उभरा था। ऋणदाताओं की समिति (CoC) ने वेदांता को दरकिनार करते हुए अडाणी ग्रुप की बोली को मंजूरी के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के पास भेज दिया। इलाहाबाद स्थित NCLT की पीठ ने अडाणी की योजना पर मुहर लगा दी, जिसे अब वेदांता ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (NCLAT) में चुनौती दी है।

मामला फिलहाल कहां अटका है? NCLAT ने फिलहाल NCLT के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होनी है। अनिल अग्रवाल का कहना है कि वे इस विवाद पर ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे और उचित कानूनी मंच पर ही इसका अंतिम फैसला होगा।

ऋणदाताओं की समिति का क्या है तर्क? ऋणदाताओं की समिति (CoC) ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि बोली का चयन केवल सबसे ऊंचे दाम के आधार पर नहीं होता। अडाणी ग्रुप को इसलिए प्राथमिकता मिली क्योंकि उनकी योजना में करीब 6,000 करोड़ रुपये का तत्काल भुगतान और दो साल के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का प्रस्ताव था। इसके विपरीत, वेदांता की योजना में भुगतान के लिए 5 साल का लंबा समय मांगा गया था।

जेपी ग्रुप पर भारी कर्ज का बोझ बता दें कि जयप्रकाश एसोसिएट्स पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज है। जून 2024 में कंपनी को दिवाला प्रक्रिया में डाला गया था। अनिल अग्रवाल ने इसे याद करते हुए कहा कि जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ हमेशा चाहते थे कि उनकी बनाई संपत्ति सुरक्षित हाथों में जाए। उन्होंने कहा कि वे इस प्रक्रिया को भगवान की इच्छा मानते हैं, चाहे नतीजा कुछ भी हो।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

असम: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को महिला समर्थक ने किया किस , वायरल वीडियो पर गरमाई राजनीति

Story 1

बॉल टैंपरिंग विवाद: शाहीन अफरीदी के लड़खड़ाए बोल, रमीज राजा के सवालों ने घेरा!

Story 1

गहलोत का पुत्र मोह पर पलटवार: बोले- बेटों को राजनीति से नहीं, सरकार से दूर रखो

Story 1

शांति वार्ता के बीच फिसले पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार, कंधे में हुआ हेयरलाइन फ्रैक्चर

Story 1

प्यार का सुपर ओवर : वानखेड़े में प्रपोजल के दौरान खो गई अंगूठी, फिर हुआ कुछ ऐसा

Story 1

शिमला मिर्च है भाई! : RGPV हॉस्टल मेस में छिपकली मिलने पर शेफ ने सबूत मिटाने के लिए उसे खाया

Story 1

10 रुपये में चाय और 20 रुपये में समोसा: एयरपोर्ट पर अब आपकी जेब पर नहीं पड़ेगा भारी बोझ

Story 1

बिलासपुर को मिली बड़ी सौगात: बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से शुरू हुई पहली नाइट फ्लाइट, CM साय ने भरी उड़ान

Story 1

स्प्रिंग फेस्टिवल में नाचती डांस टीम के बीच घुसी नन्ही परी, कॉन्फिडेंस देख दुनिया हुई कायल

Story 1

डॉलर के मुकाबले रुपया 95 के पार: वित्त मंत्री ने कहा - भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत