दिल्ली में दोस्ती, केरल में कुश्ती : पीएम मोदी की ललकार से गरमाया दक्षिण का सियासी पारा
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पलक्कड़: 29 मार्च 2026 की तारीख केरल की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलक्कड़ से चुनावी शंखनाद कर भाजपा के मिशन साउथ को नई गति दे दी है। भव्य रोड शो और तीखे तेवरों के साथ पीएम ने साफ कर दिया है कि भाजपा अब राज्य में केवल एक तीसरा विकल्प नहीं, बल्कि मुख्य खिलाड़ी बनने की तैयारी में है।

भ्रष्टाचार का कॉकटेल बनाम फिक्स्ड मैच प्रधानमंत्री ने मंच से एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) पर सीधे प्रहार किए। उन्होंने दोनों गठबंधनों को भ्रष्टाचार का कॉकटेल करार देते हुए कहा कि ये दल दिल्ली में दोस्ती निभाते हैं और केरल में कुश्ती का नाटक करते हैं। पीएम ने इसे फ्रेंडली मैच फिक्सिंग बताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता, खास तौर पर युवा और किसान, अब इनके झांसे में आने वाले नहीं हैं।

घोटालों और लाल आतंक पर सीधा वार मोदी ने सोलर घोटाले और गोल्ड स्मगलिंग का मुद्दा उछालकर कांग्रेस और लेफ्ट दोनों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने सबरीमाला मुद्दे को फिर से उठाते हुए कहा कि जो लोग परंपराओं पर लाठियां बरसाते हैं, उन्हें सत्ता में रहने का हक नहीं है। साथ ही, उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्याओं का जिक्र कर लाल आतंक की संस्कृति को जड़ से उखाड़ने का संकल्प दोहराया।

सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब रैली के बाद 2 किलोमीटर लंबे रोड शो में जो नजारा दिखा, उसने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया। पीएम के काफिले पर हुई फूलों की बारिश और मोदी-मोदी के नारों ने यह संदेश दिया कि भाजपा का जनाधार काडर से बाहर निकलकर आम जनता तक तेजी से फैल रहा है।

क्या है भाजपा का बड़ा दांव? पीएम के इस दौरे ने तीन स्पष्ट संदेश दिए हैं:

  1. त्रिकोणीय मुकाबला: केरल की परंपरागत द्वि-दलीय राजनीति अब त्रिकोणीय हो गई है।
  2. युवा और महिला शक्ति: मोदी का सीधा संवाद शिक्षित युवाओं और महिलाओं से जुड़ा है, जो बदलाव की आकांक्षा रखते हैं।
  3. विकासात्मक राजनीति: डबल इंजन सरकार का मंत्र देकर उन्होंने केरल को तकनीकी हब बनाने का सपना दिखाया है।

पलक्कड़ की इस रैली ने केरल के आगामी चुनाव का एजेंडा सेट कर दिया है। अब नजरें 23 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि क्या मोदी की यह लहर वोटों के महासागर में तब्दील हो पाएगी या नहीं। एक बात तय है—दक्षिण में कमल के खिलने की छटपटाहट अब साफ दिखाई दे रही है।

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