2 साल का बैन काफी नहीं है , सुनील गावस्कर ने BCCI से की बड़े बदलाव की मांग
News Image

आईपीएल 2026 के आगाज के साथ ही विदेशी खिलाड़ियों के अंतिम समय पर नाम वापस लेने का मुद्दा गरमा गया है। कई खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले निजी कारणों या अपने राष्ट्रीय करियर को प्राथमिकता देते हुए लीग से हट गए हैं। इस पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

बेन डकेट का फैसला और फ्रेंचाइजी को झटका

हाल ही में इंग्लैंड के स्टार क्रिकेटर बेन डकेट ने आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया। डकेट ने इसे एक कठिन फैसला बताते हुए कहा कि वह फिलहाल अपने इंग्लैंड टेस्ट करियर पर ध्यान देना चाहते हैं। हालांकि, उनके इस फैसले से दिल्ली की फ्रेंचाइजी को तगड़ा झटका लगा है। नियम के अनुसार, डकेट अब अगले दो साल (2028 तक) के लिए आईपीएल से प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।

गावस्कर का कड़ा रुख: नियम बेअसर साबित हो रहा है

सुनील गावस्कर का मानना है कि मौजूदा 2 साल का बैन खिलाड़ियों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बीसीसीआई को सलाह दी है कि इस नियम को और सख्त बनाया जाए ताकि खिलाड़ी आईपीएल को हल्के में न लें।

गावस्कर ने कहा, बीसीसीआई को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मौजूदा बैन खिलाड़ियों पर कोई खास असर नहीं डाल रहा है। जब तक खिलाड़ी की भविष्य की संभावनाओं पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा, तब तक वे ऐसी चीजें करते रहेंगे। हमें ऐसी सजा की जरूरत है जिससे खिलाड़ी नाम वापस लेने से पहले दस बार सोचें।

क्या है BCCI का मौजूदा नियम?

बीसीसीआई की गवर्निंग काउंसिल ने 2024 में एक नियम लागू किया था। इसके तहत, यदि कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में शामिल होता है और चुने जाने के बाद सीजन शुरू होने से पहले अनुपलब्ध हो जाता है, तो उस पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जाता है।

यह नियम चोट के मामलों में भी लागू होता है, बशर्ते वह चोट संदिग्ध हो या बीसीसीआई के मेडिकल पैनल द्वारा उसे प्रमाणित न किया गया हो। बेन डकेट अब इस नियम के दायरे में आकर 2028 तक के लिए आईपीएल से बाहर हो चुके हैं।

क्या आगे होगा कड़ा एक्शन?

गावस्कर की इस टिप्पणी के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बीसीसीआई आने वाले समय में वित्तीय दंड या प्रतिबंध की अवधि को और बढ़ाएगी। फिलहाल, फ्रेंचाइजी और फैंस इस बात से खफा हैं कि नीलामी में इतनी मेहनत से चुनी गई टीम आखिरी वक्त पर खिलाड़ियों के हटने से कमजोर हो जाती है। अब सबकी नजरें बोर्ड के अगले कदम पर टिकी हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ईरान के हमले में दो टुकड़ों में बंटा अमेरिकी AWACS, मिडिल ईस्ट में मची खलबली

Story 1

आरसीबी की जीत के बाद विराट का दिखा रोमांटिक अंदाज़, भरी महफिल में अनुष्का को दिया फ्लाइंग किस

Story 1

10 साल की कड़वाहट खत्म! विराट कोहली और अनिल कुंबले की मुलाकात ने जीता करोड़ों का दिल

Story 1

शुक्राचार्य बनकर बड़े पर्दे पर धमाका करेंगे अक्षय खन्ना, महाकाली से सामने आया खूंखार लुक

Story 1

क्या निगमबोध घाट पर गैस की किल्लत? अंतिम संस्कार को लेकर फैली अफवाहों का सच आया सामने

Story 1

पाकिस्तान में स्मार्ट लॉकडाउन का वायरल सच: सरकार ने किया फर्जी खबरों का खंडन

Story 1

डेब्यू मैच में आखिरी गेंद पर छक्का: 20 साल की कायला रेनेकी का करिश्माई प्रदर्शन

Story 1

रसोई गैस संकट से राहत: होर्मुज के मौत के रास्ते से सुरक्षित निकले भारत के दो और जहाज

Story 1

कांग्रेस की चुनावी बिसात: 284 प्रत्याशियों का ऐलान, अधीर रंजन और भवानीपुर सीट पर सबकी नजरें

Story 1

IPL 2026: पहले ही मैच में अंपायरिंग पर फूटा गुस्सा, क्या हेनरिक क्लासेन के साथ हुई बेईमानी?