मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया है कि 27 मार्च को अमेरिका-क्लास का विशाल युद्धपोत USS त्रिपोली युद्ध क्षेत्र में दाखिल हो गया है। इस जहाज पर 3,500 नौसैनिक और मरीन कमांडोज तैनात हैं।
एक तैरता हुआ एयरक्राफ्ट करियर USS त्रिपोली केवल एक जहाज नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता सैन्य अड्डा है। इसे एक छोटे एयरक्राफ्ट करियर की तरह देखा जा रहा है। इसमें दर्जनों हेलीकॉप्टर, एमवी-22 ऑस्प्रे और घातक F-35B जॉइंट स्ट्राइक फाइटर जेट्स मौजूद हैं। इसके आने से अमेरिका अब तटीय इलाकों में तेजी से घुसपैठ और सीधा हमला करने में सक्षम हो गया है।
तीन एयरक्राफ्ट करियर से चक्रव्यूह अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपने तीन बड़े न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट करियर की तैनाती की है। USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश का स्ट्राइक ग्रुप भी मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट करियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड फिलहाल मरम्मत के लिए क्रोएशिया में रुका हुआ है, लेकिन बाकी जहाजों की मौजूदगी ईरान के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी : ईरान के 150 जहाज तबाह CENTCOM के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक अमेरिकी सेना ने 11,000 से ज्यादा कॉम्बैट उड़ानें भरी हैं। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिकी हमलों में ईरान के 150 से अधिक जहाजों को या तो नुकसान पहुंचा है या वे पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। अमेरिकी हमले सीधे तौर पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC), मिसाइल साइट्स और हथियार फैक्ट्रियों को निशाना बना रहे हैं।
10,000 और सैनिकों की तैनाती की तैयारी पेंटागन अब और भी आक्रामक रुख अपना रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के तेल एक्सपोर्ट हब खार्ग द्वीप के करीब 10,000 अतिरिक्त पैदल सैनिक भेजने की योजना बनाई जा रही है। पहले से तैनात 5,000 मरीन और पैराट्रूपर्स के साथ मिलकर यह सेना ईरान की घेराबंदी को और मजबूत करेगी।
ईरान की कड़ी चेतावनी बढ़ते दबाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ कर दिया है कि ईरान अपनी तरफ से जंग की शुरुआत नहीं करेगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के आर्थिक केंद्रों या बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे बहुत जोरदार पलटवार करेंगे। मिडिल ईस्ट के हालात इस वक्त किसी भी बड़ी दुर्घटना की कगार पर खड़े हैं।
U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… pic.twitter.com/JFWiPBbkd2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 28, 2026
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