देशभर में रेलवे की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी दी कि भारतीय रेलवे की 1,068 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण है, जिसे हटाने के लिए सरकार अब हाई-टेक फॉर्मूले पर काम कर रही है।
अब AI और ड्रोन से होगी निगरानी रेल मंत्री ने बताया कि अतिक्रमण पर नकेल कसने के लिए रेलवे दो प्रमुख तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है: उपग्रह (सैटेलाइट) और ड्रोन आधारित सर्वेक्षण। इन तकनीकों के जरिए तैयार किए गए नक्शों की तुलना रेलवे के पुराने संदर्भ मानचित्रों (Reference Maps) से की जाती है। AI और एल्गोरिदम की मदद से तुरंत पता चल जाता है कि कहां नया अतिक्रमण हुआ है, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो पा रही है।
मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे की जमीन पर बसे ज्यादातर लोग गरीब हैं, जिन्होंने झुग्गियां बना रखी हैं। इसलिए, जमीन खाली कराते समय मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। इसका बेहतरीन उदाहरण सूरत में देखने को मिला, जहां राज्य सरकार के साथ मिलकर अतिक्रमणकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मुहैया कराए गए।
पारदर्शी तरीके से होगा जमीन का उपयोग रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के कामकाज पर प्रकाश डालते हुए वैष्णव ने कहा कि अब प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। निविदा-आधारित प्रणाली (Tender-based system) के जरिए रेलवे की खाली जमीन को वाणिज्यिक या आवासीय विकास के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे चालू वित्त वर्ष में 900 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है, जो भविष्य में और बढ़ेगा।
विकास कार्यों के लिए खाली कराई जा रही जमीन पिछले पांच वर्षों में लगभग 98 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। रेल मंत्री के अनुसार, खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल मल्टी-ट्रैकिंग, नए यात्री टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल और रेलवे कार्यशालाओं जैसे बुनियादी ढांचों के विकास के लिए किया जा रहा है।
राज्य सरकारों का सहयोग जरूरी रेलवे की कुल 4.99 लाख हेक्टेयर जमीन में से 80 प्रतिशत पटरियों के आसपास है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि चूंकि भूमि का मुद्दा राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए जब भी राज्य सरकारें सहयोग करती हैं, परिणाम बेहतर और सकारात्मक मिलते हैं।
#WATCH | Union Minister Ashwini Vaishnaw says, ...Over the last few years we have been able to create a very transparent mechanism. We tried multiple ways. Railways has an authority called the Railway Land Development Authority. That authority was created many years ago. But… pic.twitter.com/HdAImvueAq
— ANI (@ANI) March 27, 2026
मुंबई-मॉस्को का मेगा एलायंस : 300 अरब डॉलर की इकोनॉमी बनने की ओर मुंबई का सफर
ट्रंप का बड़ा दावा: ‘शहबाज शरीफ नेक इंसान, मैंने रोकी थी भारत-पाकिस्तान की परमाणु तबाही’
बंदर बना सेल्फी किंग : महिला के हाथ से फोन छीनकर करने लगा स्टाइल में पोज
जंग के बीच इंसानियत की मिसाल: भारतीय बच्चों के गुल्लक ने जीता ईरान का दिल
भारत की सुरक्षा को बड़ा बूस्ट: रूस इस साल देगा S-400 की बाकी यूनिट्स और बॉडीगार्ड पैंटसिर का ऑफर
IPL 2026: आरसीबी की बड़ी जीत से पहले HazleGOD की वापसी, लेकिन फैंस को करना होगा थोड़ा इंतजार
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच बड़ी राहत: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती, जानें नई कीमतें
₹16,999 में दमदार बैटरी और पिक्सेल जैसा लुक: TECNO Spark 50 5G भारत में हुआ लॉन्च
ईरान ने निभाया वादा: 42 हजार टन LPG लेकर गुजरात पहुंचा जग वसंत , ऊर्जा सुरक्षा हुई मजबूत
गैस संकट पर आर-पार: अखिलेश का भाजपा पर हमला, योगी ने जनता से की संयम की अपील