तेहरान: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान जा रहे एक कंटेनर जहाज SELEN को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है। इस घटना ने क्षेत्र में ईरान के बढ़ते नियंत्रण को उजागर कर दिया है।
क्या हुआ घटनाक्रम? यूएई के शारजाह बंदरगाह से कराची जा रहा कंटेनर जहाज SELEN जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहा था, तभी ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की नौसेना ने उसे रोक लिया। जहाज को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई और उसे वापस मोड़ दिया गया।
क्यों हुई कार्रवाई? IRGC के कमांडर अलीरेजा तंगसिरी ने स्पष्ट किया कि जहाज के पास जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति (Permit) नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने के लिए ईरान के समुद्री प्राधिकरण के साथ पूर्ण समन्वय अनिवार्य है, जिसका इस जहाज ने पालन नहीं किया।
पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक झटका यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह ईरान ने बिना किसी हिचकिचाहट के पाकिस्तानी जहाज को लौटाया है, वह इस्लामाबाद के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका है। यह ईरान की उस कठोर नीति को दर्शाता है जिसे वह अपनी समुद्री संप्रभुता के लिए अपनाए हुए है।
होर्मुज पर टोल का खेल? हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों से भारी-भरकम ट्रांजिट फीस वसूल रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान एक यात्रा के लिए 2 मिलियन डॉलर तक की अनधिकृत फीस मांग रहा है। जो जहाज इस भुगतान को मानने से इनकार कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर ईरान कोई जवाबदेही नहीं ले रहा है।
जहाज का विवरण SELEN (IMO: 9208459) एक छोटा फीडर कंटेनर जहाज है, जिसे वर्ष 2000 में बनाया गया था। यह सेंट किट्स और नेविस के ध्वज के तहत संचालित होता है और इसका प्रबंधन दुबई स्थित Exceed Oceanic Trading LLC द्वारा किया जाता है। फिलहाल, इस घटना के बाद शिपिंग कंपनियों में ईरान के इस नए समुद्री टोल और सख्ती को लेकर चिंता बढ़ गई है।
کشتی کانتینربر SELEN به دلیل عدم رعایت پروتکلهای قانونی و نداشتن مجوز عبور از #تنگه_هرمز، توسط نیروی دریایی سپاه به عقب بازگردانده شد.
— علیرضا تنگسیری (@alirezatangsiri) March 24, 2026
عبور هرگونه شناور از این آبراهه مستلزم هماهنگی کامل با حاکمیت دریایی ایران است و این مهم جز به پشتوانه مردم شریف ایران به دست نمیآمد. pic.twitter.com/g6ei29Y90Q
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