क्या भारत करेगा मिडिल ईस्ट में शांतिदूत का काम? ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से की अहम चर्चा
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नई दिल्ली: हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर चर्चा हुई।

ईरान का बड़ा आरोप: ‘हमले हम पर हुए, हमने युद्ध शुरू नहीं किया’ राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने बातचीत में साफ किया कि ईरान क्षेत्र में अशांति नहीं फैला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल की ओर से बेवजह ईरान पर सैन्य हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में न केवल सैन्य अधिकारी, बल्कि कई निर्दोष नागरिक और स्कूली बच्चे भी मारे गए हैं।

168 मासूम बच्चों की मौत का मुद्दा ईरानी राष्ट्रपति ने एक बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए कहा कि मिनाब के एक स्कूल पर अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकानों से हमला किया, जिसमें 168 निर्दोष बच्चों की जान चली गई। उन्होंने परमाणु हथियार बनाने के आरोपों को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता पहले ही परमाणु हथियारों के खिलाफ फतवा (आदेश) जारी कर चुके हैं।

शांति का रास्ता: ‘बाहरी हस्तक्षेप बंद हो’ राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने क्षेत्र में शांति के लिए एक ठोस सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को तुरंत हमले बंद करने चाहिए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई न करने की गारंटी देनी चाहिए। उन्होंने पश्चिम एशिया के देशों के बीच एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा ताकि बाहरी शक्तियों के हस्तक्षेप के बिना शांति स्थापित हो सके।

ब्रिक्स (BRICS) की भूमिका पर जोर ईरान ने शांति बहाली में भारत की सक्रिय भूमिका की उम्मीद जताई है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि भारत, ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता के जरिए क्षेत्र में शांति बनाए रखने में एक स्वतंत्र और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पीएम मोदी ने की हमलों की निंदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने ईद और नवरोज की बधाई देने के साथ-साथ इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमले वैश्विक स्थिरता और सप्लाई चेन के लिए बड़ा खतरा हैं। पीएम ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी बल दिया।

भारतीयों की सुरक्षा का मुद्दा बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरानी सरकार को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं के बीच हुई यह चर्चा आने वाले समय में पश्चिम एशिया के बदलते कूटनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।

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