‘वह धोनी नहीं, बस संजू सैमसन है’: जब गंभीर ने थरूर को टोककर दी थी सबसे बड़ी नसीहत
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संजू सैमसन को लेकर भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के मन में हमेशा एक अलग उत्साह रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार कांग्रेस सांसद शशि थरूर और मौजूदा भारतीय कोच गौतम गंभीर के बीच संजू को लेकर तीखी लेकिन महत्वपूर्ण बहस हुई थी?

अगले धोनी वाले बयान पर गंभीर की टोका-टोकी शशि थरूर काफी समय से संजू सैमसन के समर्थक रहे हैं। एक चर्चा के दौरान थरूर ने संजू की तारीफ करते हुए उन्हें अगला एमएस धोनी करार दिया था। यह सुनते ही गौतम गंभीर ने तुरंत अपनी बात रखी और कहा कि संजू को किसी की तुलना में बांधने की जरूरत नहीं है। गंभीर का मानना था कि संजू की अपनी एक अलग पहचान है और उन्हें किसी और जैसा बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

14 साल की उम्र से किया था भविष्य का अनुमान शशि थरूर का संजू के साथ रिश्ता काफी पुराना है। थरूर बताते हैं कि उन्होंने संजू को तब से देखा है जब वह महज 14 साल के थे और एक क्लब क्रिकेटर के रूप में अपनी पहचान बना रहे थे। थरूर के मुताबिक, उस उम्र में ही संजू की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में जो संतुलन था, उसे देखकर ही उन्होंने भांप लिया था कि यह खिलाड़ी भविष्य में बड़ा नाम बनेगा।

टी20 वर्ल्ड कप में साबित किया अपना लोहा संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने प्रदर्शन से उन सभी आलोचकों का मुंह बंद कर दिया जो उनके करियर पर सवाल उठाते थे। टूर्नामेंट के वर्चुअल क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल जैसे दबाव वाले मैचों में संजू ने जिस तरह की पारियां खेलीं, उन्होंने खुद को टीम का हीरो साबित किया। थरूर ने उनकी इसी कामयाबी पर गर्व जताते हुए कहा कि संजू का आत्मविश्वास उस दौरान देखते ही बनता था।

वेस्टइंडीज मैच की वह ऐतिहासिक पारी थरूर को आज भी वह मैच याद है जब संजू ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार नाबाद पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। थरूर बताते हैं कि उस दिन संजू की आंखों में एक अलग चमक और आत्मविश्वास था। उन्हें अहसास हो गया था कि आज यह खिलाड़ी आउट नहीं होने वाला।

कठिन दौर में बना सहारा संजू सैमसन के करियर में कई ऐसे मोड़ आए जब उनकी फॉर्म पर सवाल उठे। थरूर ने खुलासा किया कि मुश्किल समय में भी उन्होंने संजू का साथ नहीं छोड़ा। उनका हमेशा से मानना रहा है कि संजू के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें खुद को संभालने और अपनी लय को समझने की जरूरत है।

गंभीर और थरूर के इस किस्से से यह स्पष्ट है कि संजू सैमसन किसी के साए में पलने वाले खिलाड़ी नहीं हैं। वे अपनी शैली में खेलने वाले एक ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से एक अलग मुकाम हासिल किया है।

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