पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक पारा चढ़ गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस फैसले पर तीखा प्रहार किया है, जिसके तहत मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी समेत 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है।
अभूतपूर्व और चिंताजनक कदम ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि उच्चतम स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप करार दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों को हटाना न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कदम राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है।
संविधान पर सीधा हमला फेसबुक पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने लिखा कि जो संस्थाएं निष्पक्ष होनी चाहिए, उनका व्यवस्थित राजनीतिकरण संविधान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि आईबी, एसटीएफ और सीआईडी जैसे संवेदनशील विभागों के अधिकारियों को चुन-चुनकर हटाया जा रहा है। सीएम ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग का रवैया स्पष्ट रूप से भेदभावपूर्ण और राजनीतिक लाभ के लिए झुकने वाला नजर आ रहा है।
आयोग की कार्यप्रणाली पर खड़े किए सवाल ममता ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में विरोधाभास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाए जाने का दावा किया गया, उन्हीं में से कई अधिकारियों को कुछ घंटों बाद ही चुनावी ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया गया। सिलीगुड़ी और बिधाननगर के पुलिस कमिश्नरों के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे अव्यवस्था, भ्रम और अक्षमता की पराकाष्ठा बताया।
बीजेपी की बेचैनी पर निशाना मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर पार्टी इतनी बेचैन क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल के लोगों को नागरिकता साबित करने के लिए लाइनों में खड़ा करना बीजेपी की मानसिकता को दर्शाता है। ममता ने इसे राज्य में अघोषित इमरजेंसी और अघोषित राष्ट्रपति शासन करार दिया।
बंगाल कभी नहीं झुकेगा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने अधिकारियों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी हैं। उन्होंने कहा, बंगाल कभी भी धमकी के आगे नहीं झुका है और न ही कभी झुकेगा। ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए कहा कि बंगाल न केवल लड़ेगा और विरोध करेगा, बल्कि अपनी धरती पर थोपे जा रहे किसी भी विभाजनकारी एजेंडे को पूरी तरह से विफल कर देगा।
*The manner in which the Election Commission has singled out and targeted Bengal is not just unprecedented- It is deeply alarming. Even before the formal notification of elections, more than 50 senior officials including the Chief Secretary, Home Secretary, DGP, ADGs, IGs, DIGs,… pic.twitter.com/ITipND3qYr
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 19, 2026
धुरंधर 2 में पीएम मोदी की एंट्री पर गूंजा सिनेमाघर, दर्शकों ने दी ऐतिहासिक प्रतिक्रिया
पति डंडा लेकर पीछे दौड़ा, पत्नी ने कुएं में मारी छलांग: वीडियो देख सन्न रह गया पूरा गांव
23 सेकंड में 12 गोलियां: अलीगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं की खूनी जंग , अखिलेश यादव का तीखा प्रहार
मिडिल ईस्ट में युद्ध का साया: 2.80 लाख भारतीय सुरक्षित वापस, फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए सऊदी रूट बना सहारा
IPL 2026: क्या ये 4 दिग्गज खिलाड़ी ले लेंगे संन्यास? टूर्नामेंट के बाद खत्म हो सकता है सुनहरा सफर
क्या आपका कुत्ता भी बात कर सकता है? आई लव यू बोलने वाले डॉगी का वीडियो हुआ वायरल
आईपीएल 2026: नेट प्रैक्टिस में युवा वैभव सूर्यवंशी ने रवींद्र जडेजा को नचाया, वीडियो हुआ वायरल
नाथन एलिस हुए बाहर: CSK की डेथ ओवर की समस्या सुलझाएंगे ये 3 धाकड़ गेंदबाज
IPL 2026: सीजन शुरू होने से पहले ही 3 टीमों की बढ़ी मुश्किलें, स्टार खिलाड़ियों के बाहर होने से मची खलबली
ममता का चुनावी वार: दुआरे चिकित्सा और महिलाओं को लक्ष्मी भंडार का तोहफा, जारी किया 10 प्रतिज्ञा पत्र