सहारा निवेशकों के लिए बड़ी राहत: अब ₹10 लाख तक का क्लेम करना हुआ आसान, जानें नई प्रक्रिया
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सहारा ग्रुप की को-ऑपरेटिव सोसायटियों में सालों से फंसे निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल (CRCS-Sahara Refund Portal) के जरिए रिफंड प्रक्रिया को काफी सरल और पारदर्शी बना दिया है।

री-सबमिशन की सुविधा शुरू सरकार ने उन निवेशकों को बड़ी राहत दी है, जिनके आवेदन पहले किसी कमी की वजह से रिजेक्ट हो गए थे या जिनका पेमेंट फेल हो गया था। अब ये निवेशक दोबारा अपना आवेदन सबमिट (Re-submission) कर सकते हैं।

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, अब ₹10 लाख तक के क्लेम के लिए री-सबमिशन की सुविधा चालू कर दी गई है। इन आवेदनों को आगामी 45 कार्य दिवसों के भीतर प्रोसेस करने का लक्ष्य रखा गया है।

कैसे करें आवेदन? नई प्रक्रिया के तहत, निवेशक को पोर्टल पर जाकर अपना 14 अंकों का क्लेम रिक्वेस्ट नंबर (CRN) दर्ज करना होगा। इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिससे वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा। प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और सुरक्षित है।

जरूरी शर्तें और सुरक्षा सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तय एसओपी (SOP) के तहत हो रही है। सुरक्षा के लिए पोर्टल पर एसएसएल (SSL) सर्टिफिकेट का उपयोग किया गया है। निवेशकों को इन बातों का ध्यान रखना होगा:

कौन सी सोसायटियां हैं इसमें शामिल? यह पोर्टल मुख्य रूप से सहारा की चार प्रमुख को-ऑपरेटिव सोसायटियों के निवेशकों के लिए काम कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि एक व्यवस्थित फ्रेमवर्क के जरिए सभी वास्तविक निवेशकों को उनका पैसा सुरक्षित वापस मिल सके।

जो नए निवेशक अभी तक क्लेम नहीं कर पाए थे, वे भी इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराकर रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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