सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी कार्यप्रणाली और अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक सरकारी अधिकारी अपनी कुर्सी पर बैठकर बेखौफ होकर वीडियो कॉल पर बात करता नजर आ रहा है, जबकि उसके ठीक सामने काम के लिए लोगों की लंबी कतार लगी है।
साहब मस्त, जनता पस्त
वीडियो में अधिकारी पूरी तरह से मोबाइल में मशगूल है। उसके चेहरे पर मुस्कान है और वह कॉल का आनंद ले रहा है। खास बात यह है कि उसे आसपास के माहौल या अपनी टेबल के सामने घंटों से खड़े लोगों की कोई चिंता नहीं है। कैमरा घूमने पर साफ देखा जा सकता है कि वहां अपनी फाइलें लेकर आए लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी का ध्यान केवल अपनी व्यक्तिगत बातचीत पर है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
इस फुटेज के वायरल होते ही इंटरनेट यूजर्स का पारा चढ़ गया है। लोग इसे सरकारी तंत्र की शर्मनाक लापरवाही करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि क्या अधिकारी जनता को अपनी जागीर समझते हैं? कई लोग मांग कर रहे हैं कि दफ्तरों में कामकाजी घंटों के दौरान निजी मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से सख्त प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
क्या यह वीडियो पुराना है?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो की सच्चाई और समय को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है। कुछ दावों में इसे 2018 का पुराना वीडियो बताया गया, लेकिन शुरुआती पड़ताल और क्रॉस-वेरिफिकेशन में इसे हालिया घटना के तौर पर देखा जा रहा है। वीडियो में दिख रहा ऑफिस का माहौल और वहां रखी फाइलें इसे एक ताजा मामला बताती हैं। फिलहाल, इस अधिकारी की पहचान और स्थान की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
सिस्टम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल
यह वीडियो केवल एक अधिकारी की हरकत नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में व्याप्त मनमानी का प्रतीक बन गया है। लोगों का मानना है कि यदि कोई आम नागरिक ऐसे व्यवहार पर सवाल उठाता है, तो उसे सरकारी काम में बाधा डालने के नाम पर धमकाया या गिरफ्तार तक किया जा सकता है। यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने का तंत्र कितना प्रभावी है।
Shamelessness Redefined 😡📱
— The Nalanda Index (@Nalanda_index) March 18, 2026
What could be more audacious than standing in a public queue while casually video-calling? This is freedom taken to the extreme. And if anyone objects, they can be accused of obstructing government official work and even arrested. True respect for… pic.twitter.com/msQJGD8aVh
तांबे के बर्तन का ‘तंत्र-मंत्र’ और हवस का खेल: ज्योतिषी अशोक खरात की करतूतों से मचा हड़कंप
भिवंडी में भीषण अग्निकांड: फर्नीचर गोदामों में लगी आग से करोड़ों का नुकसान, मचा हड़कंप
सीएम हेमंत सोरेन को असहज करना पड़ा भारी, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव कांग्रेस से 3 साल के लिए निष्कासित
कबाड़ी वाले को उसी का सामान बेचकर लगाया चूना, वायरल वीडियो देख लोग बोले - अति चालाक!
पिता के पसीने छुड़ा गया बेटे का यह खतरनाक खेल , वीडियो देख कांप उठेगी रूह
‘द ट्रेटर्स’ का तेलुगु अवतार: तेजा सज्जा संभालेंगे माइंड गेम की कमान
अब घर बैठे डाल सकेंगे वोट: बुजुर्गों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए चुनाव आयोग का बड़ा तोहफा
दीदी का चुनावी ब्रह्मास्त्र : लक्ष्मी भंडार में नोटों की बारिश, TMC के नए वादों से BJP सन्न
IPL 2026: सनराइजर्स हैदराबाद को तगड़ा झटका, स्टार ऑलराउंडर बाहर
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध: कुवैत की रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, तेल के लिए छिड़ी एनर्जी वॉर