अब घर बैठे डाल सकेंगे वोट: बुजुर्गों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए चुनाव आयोग का बड़ा तोहफा
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भारतीय चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और चुनाव ड्यूटी में लगे आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों के लिए डाक मतपत्र (Postal Ballot) की सुविधा का विस्तार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में कोई भी पात्र मतदाता पीछे न छूटे।

किसे और कैसे मिलेगी यह सुविधा?

इस नई व्यवस्था के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता घर बैठे मतदान कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें फॉर्म 12डी भरना होगा और चुनाव अधिसूचना जारी होने के 5 दिनों के भीतर अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को जमा करना होगा। इसके बाद, एक मतदान दल उनके घर पहुंचेगा और पूरी पारदर्शिता के साथ वोट डलवाएगा।

ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए क्या हैं नियम?

चुनाव के दिन जो कर्मचारी अपनी ड्यूटी की वजह से मतदान केंद्र नहीं जा पाएंगे, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसमें अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवा, बिजली, यातायात पुलिस, एम्बुलेंस, विमानन और सरकारी सड़क परिवहन जैसे आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे कर्मी अपने विभाग के नोडल अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

मीडिया कर्मियों को भी विशेष अधिकार

आयोग ने मतदान कवरेज में लगे अधिकृत मीडिया कर्मियों को भी आवश्यक सेवाओं में तैनात अनुपस्थित मतदाता की श्रेणी में रखा है। वे भी डाक मतपत्र के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे। उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होते ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम (ETPBS) के जरिए इन्हें मतपत्र भेजे जाएंगे।

गोपनीयता और समयसीमा का रखें ध्यान

मतदान की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि तमाम डाक मतपत्र मतगणना की तारीख, यानी 4 मई 2026 को सुबह 8:00 बजे तक संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में हर हाल में पहुंच जाने चाहिए।

चुनाव आयोग का यह कदम समावेशी लोकतंत्र की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पात्र मतदाता विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या अपने स्थानीय रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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