रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आखिरकार तीन महीने बाद सोशल मीडिया पर वापसी की है। टीम ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
चार जून को बेंगलुरु में हुई भगदड़ के बाद RCB ने कई दिनों तक कोई गतिविधि नहीं दिखाई थी, जिस पर फैंस ने सवाल उठाए थे। अब टीम ने आधिकारिक संदेश जारी किया है कि उनकी चुप्पी को अनुपस्थिति न समझा जाए।
RCB ने भगदड़ की घटना में मरने वाले 11 लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया था।
मौन का मतलब लापरवाही नहीं
RCB ने अपने बयान में कहा कि उनकी चुप्पी पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति मौन समर्थन का प्रतीक थी। फ्रेंचाइजी ने स्पष्ट किया कि ऐसे कठिन समय में उनका उद्देश्य सोशल मीडिया पर हल्के-फुल्के पोस्ट करने के बजाय गंभीरता और संवेदनशीलता बनाए रखना था। उन्होंने लिखा, हमारी चुप्पी का मतलब अनुपस्थिति नहीं था। हम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे।
हादसे पर संवेदना और जिम्मेदारी
टीम ने बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया। RCB ने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में वे हर संभव सहयोग के लिए तैयार हैं। बयान में कहा गया कि फैन्स केवल दर्शक नहीं बल्कि RCB परिवार का अहम हिस्सा हैं, और उनकी सुरक्षा टीम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
RCB ने अपने संदेश में आगे लिखा कि वे सिर्फ एक क्रिकेट फ्रेंचाइजी नहीं हैं, बल्कि लाखों समर्थकों की भावनाओं से जुड़ा एक परिवार हैं। उन्होंने कहा कि क्लब भविष्य में सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाएगा, ताकि इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो। उन्होंने फैंस से धैर्य और सहयोग की अपील भी की।
सोशल मीडिया पर वापसी का महत्व
RCB ने लिखा, प्रिय 12th मैन आर्मी, यह हमारा दिल से लिखा गया पत्र है आपके लिए! करीब तीन महीने हो गए हैं जब हमने यहां आखिरी बार कुछ पोस्ट किया था। यह चुप्पी अनुपस्थिति नहीं थी, यह शोक था। यह मंच कभी ऊर्जा, यादों और उन पलों से भरा रहता था जिनका आपने सबसे ज्यादा आनंद लिया… लेकिन चार जून ने सब कुछ बदल दिया। उस दिन ने हमारे दिल तोड़ दिए, और तब से चली आ रही चुप्पी हमारे लिए शोक व्यक्त करने का तरीका रही है। उस चुप्पी में, हम शोक मना रहे थे। सुन रहे थे। सीख रहे थे। और धीरे-धीरे, हमने केवल एक प्रतिक्रिया से भी आगे कुछ बनाने की शुरुआत की। कुछ ऐसा जिस पर हमें सच्चा विश्वास है।
फैंस को दिया भरोसा
फ्रेंचाइजी ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी वापसी महज एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि फैन्स को यह भरोसा दिलाने का जरिया है कि टीम उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मौकों पर शांति बनाए रखना कभी-कभी ज्यादा जरूरी होता है, ताकि गलत संदेश न जाए।
RCB ने साफ किया कि वे हादसे से मिले सबक को ध्यान में रखते हुए भविष्य में और जिम्मेदारी से कदम उठाएंगे। साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया कि मैदान पर हो या उसके बाहर, टीम फैन्स की सुरक्षा और सम्मान को हमेशा प्राथमिकता देगी।
कर्नाटक का गौरव बने रहने के लिए
RCB ने लिखा, इसी तरह आरसीबी केयर्स (RCB CARES) की शुरुआत हुई। यह एक ऐसा मंच है जो हमारे फैंस का सम्मान करने, उन्हें सहारा देने और उनके साथ खड़े रहने की जरूरत से जन्मा। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां हमारी कम्युनिटी और फैन्स मिलकर सार्थक कदम उठाते हैं।
RCB ने लिखा, आज हम इस मंच पर लौटे हैं, जश्न के साथ नहीं बल्कि देखभाल के साथ। बांटने के लिए। आपके साथ खड़े रहने के लिए। साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए। कर्नाटक का गौरव बने रहने के लिए। आरसीबी केयर्स… और हमेशा रहेगा। जल्द ही और जानकारी साझा करेंगे।
Dear 12th Man Army, this is our heartfelt letter to you!
— Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) August 28, 2025
𝗜𝘁’𝘀 𝗯𝗲𝗲𝗻 𝗰𝗹𝗼𝘀𝗲 𝘁𝗼 𝘁𝗵𝗿𝗲𝗲 𝗺𝗼𝗻𝘁𝗵𝘀 𝘀𝗶𝗻𝗰𝗲 𝘄𝗲 𝗹𝗮𝘀𝘁 𝗽𝗼𝘀𝘁𝗲𝗱 𝗵𝗲𝗿𝗲.
The Silence wasn’t Absence. It was Grief.
This space was once filled with energy, memories and moments that you… pic.twitter.com/g0lOXAuYbd
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