क्या चेन्नई की हार के लिए एमएस धोनी जिम्मेदार हैं?
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एमएस धोनी का आईपीएल 2025 का स्कोरकार्ड चिंताजनक है। पहले मैच में 2 गेंदों में 0 रन नाबाद, आरसीबी के खिलाफ 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 30 रन, तीसरे मुकाबले में 11 गेंदों में 16 रन, और अब दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 26 गेंदों में नाबाद 30 रन।

इन चार मैचों में से तीन में धोनी पर चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी थी। आरसीबी के खिलाफ मैच हाथ से फिसल रहा था, फिर भी धोनी 9वें नंबर पर उतरे। राजस्थान के खिलाफ वे ऊपर तो उतरे, लेकिन इतना धीमा खेले कि सीएसके की जीत की सारी उम्मीदें खत्म हो गईं।

दिल्ली के खिलाफ चेपॉक के मैदान पर उनके माता-पिता पहुंचे थे। सबको लगा कि धोनी अपने पुराने अंदाज में चेन्नई को जीत दिलाएंगे। लेकिन उनकी बल्लेबाजी देखकर नहीं लगा कि वे सीएसके को जिताने की कोशिश कर रहे हैं। स्पिनरों के खिलाफ उन्होंने एक पैर निकालकर सिंगल चुराया, तो फास्ट गेंदबाजों के खिलाफ वे बाउंड्री की जगह एक रन तलाशते दिखे।

धोनी से बड़ा फिनिशर शायद ही कोई रहा हो, लेकिन इस सीजन की बल्लेबाजी देखकर लगता है कि वे हथियार डाल चुके हैं। चेपॉक में उनकी बल्लेबाजी का आनंद लेने आने वाले दर्शकों को यह समझना होगा कि उनकी धीमी बल्लेबाजी चेन्नई की हार का कारण बन रही है। हर हार से युवा कप्तान रुतुराज गायकवाड़ पर दबाव बढ़ रहा है।

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ धोनी 11वें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरे, जब आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। मैच जीतने के लिए जरूरी रनरेट लगातार बढ़ रहा था, लेकिन धोनी एक-एक रन चुराकर अपनी पारी बुनने में जुटे थे।

धोनी ने अपनी पहली बाउंड्री 19वीं गेंद पर लगाई। आईपीएल 2025 में किसी भी बल्लेबाज ने पहली बाउंड्री तलाशने के लिए उनसे ज्यादा गेंदें नहीं खेलीं। 26 गेंदें खेलकर वे नाबाद रहे, लेकिन उनके बल्ले से सिर्फ 30 रन निकले, जिसमें सिर्फ एक चौका और एक छक्का शामिल था।

धोनी की काबिलियत पर किसी को शक नहीं है, लेकिन इस बार उनकी बल्लेबाजी में जीत दिलाने और बड़े शॉट खेलने की कोशिश ही नजर नहीं आ रही। पिछले दो सीजन में वे बैटिंग ऑर्डर में नीचे उतरे थे, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 2023 में 182 और 2024 में 220 था। वे हर गेंद पर बाउंड्री की तलाश में रहते थे। मगर इस बार कहानी अलग है।

धोनी के लंबे-लंबे छक्के देखने की चाह में मैदान पर आ रहे फैंस निराश होकर लौट रहे हैं। उनकी धीमी बैटिंग से दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाजों पर दबाव बन रहा है। चेन्नई जिन मैचों में जीत दर्ज कर सकती थी वे भी हाथ से निकल रहे हैं।

चेन्नई चार में से तीन मैच हार चुकी है और हर हार से ड्रेसिंग रूम के माहौल में कितना फर्क पड़ता है यह बात धोनी से बेहतर शायद ही कोई समझ सकता है। सच्चाई यह है कि धोनी के बल्ले की चमक कम हो रही है, जिसका सीधा दबाव टीम पर पड़ रहा है। सीएसके को अगर इस सीजन में प्लेऑफ या ट्रॉफी तक पहुंचना है, तो धोनी को अपने पुराने अवतार में लौटना होगा।

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