अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा पर लगाए गए टैरिफ को रद्द करने के प्रस्ताव को 51-48 के वोट से मंजूरी दे दी है। इस कदम को ट्रंप की व्यापार नीति की एक दुर्लभ आलोचना माना जा रहा है।
यह प्रस्ताव डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों के समर्थन से पारित हुआ, जिन्होंने राष्ट्रपति की आर्थिक रणनीतियों के खिलाफ अपनी चिंता व्यक्त की।
सीनेट वोट में चार प्रमुख रिपब्लिकन सीनेटरों ने ट्रंप के दबाव को नजरअंदाज करते हुए इस प्रस्ताव का समर्थन किया। ये सीनेटर हैं: मेन की सुसान कोलिन्स, अलास्का की लिसा मुरकोव्स्की, केंटकी के मिच मैककोनेल, और केंटकी के रैंड पॉल।
इन चार रिपब्लिकन सीनेटरों के फैसले ने पार्टी के भीतर व्यापार नीति को लेकर गहरे मतभेदों को उजागर किया।
डेमोक्रेट्स का कहना है कि कनाडा पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने से अमेरिकी परिवारों और छोटे व्यवसायों को नुकसान होगा, क्योंकि इससे आयातित सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं।
डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम कैन ने कहा, हम अपने सहयोगियों को दुश्मन नहीं बना सकते। जब अमेरिकी परिवार पहले ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, तो हम उन्हें और नुकसान नहीं पहुंचा सकते। उन्होंने कहा कि इस तरह के टैरिफ से अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र को भी नुकसान होगा।
मेन की सुसान कोलिन्स ने कहा कि टैरिफ लागू होने पर उनके राज्य के परिवारों को उच्च कीमतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कनाडा से आने वाले सामान पर टैरिफ से किराने, गैस और हीटिंग ऑयल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे सबसे गरीब परिवारों पर ज्यादा असर पड़ेगा।
सीनेट में वोट के बाद ट्रंप ने उन चार रिपब्लिकन सीनेटरों पर हमला किया, जिन्होंने उनके टैरिफ का विरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ये सीनेटर कनाडा को दंडित करने के डेमोक्रेट्स के दबाव के खिलाफ नहीं खड़े हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह प्रस्ताव उनके डेस्क तक पहुंचता है, तो वे इस पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे।
ट्रंप का तर्क है कि यह कदम अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी है और फेंटेनाइल की समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
सीनेट में हुए वोट ने स्पष्ट कर दिया कि ट्रंप की व्यापार नीति पर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर मतभेद बढ़ रहे हैं।
इस प्रस्ताव के हाउस में पारित होने या ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित होने की संभावना कम है, क्योंकि हाउस में रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा ज्यादा है।
डेमोक्रेट्स ने इस वोट को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जीत के रूप में पेश किया है, जो ट्रंप के खिलाफ आम अमेरिकी असंतोष को दर्शाता है।
सीनेटर चक शूमर ने इस वोट को अमेरिकी जनता के लिए एक जीत बताया। हाउस के डेमोक्रेटिक नेता ग्रेगरी मीक्स ने कहा कि वे हाउस में इसी तरह का प्रस्ताव लाकर रिपब्लिकन से यह सवाल करेंगे कि क्या वे ट्रंप की नीतियों के तहत होने वाले आर्थिक दर्द को सहन करेंगे।
U.S. Senate votes to block Trump’s Canadian tariffs in rebuke to his trade agenda https://t.co/xrCSo2FfVB pic.twitter.com/grjZO8RrLq
— The Globe and Mail (@globeandmail) April 3, 2025
वक्फ बिल पर राज्यसभा में घमासान: विपक्ष ने बताया लोकतंत्र की हत्या , खरगे ने कहा सरकार नकारात्मक
10.75 करोड़ का खिलाड़ी IPL बीच में छोड़कर लौटा!
अभिनेता मनोज कुमार का निधन, मुंबई में ली अंतिम सांस
अंबानी की मुर्गियां और नेहा सिंह राठौर का तंज: ये रिश्ता क्या कहलाता है?
संसद में नहीं हूं, वरना अकेला ही काफी था : वक्फ बिल पर लालू का बीजेपी-संघ पर करारा वार
देखिए, वक्फ बिल पास होने के बाद सुबह 4 बजे राज्यसभा से निकले अमित शाह!
संसद में ममता के सांसद की बेइज्जती! चुप, चुप, क्यों पकर-पकर करते रहते हो?
इतिहास पढ़ाने वाली पर दिल हार बैठे थे रिजिजू, दिलचस्प है प्रेम कहानी
वक्फ संशोधन बिल 2025 राज्यसभा में पास, भारी बहस के बाद 128 वोट समर्थन में
बागपत में स्कूल टीचर के साथ दबंगई: डंडा लेकर घुसा शख्स, महिला शिक्षक से अभद्रता, वीडियो वायरल