पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 1,000 करोड़ रुपये के तीर्थक्षेत्र सर्किट का ऐलान किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
सिर्फ मंदिरों को ही प्राथमिकता क्यों?
अधीर रंजन चौधरी ने सरकार से सीधा सवाल किया कि बंगाल में विकास के नाम पर केवल मंदिरों पर ही पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि बंगाल में सैकड़ों मस्जिदें, चर्च और गुरुद्वारे भी हैं, जिन्हें समान ध्यान और संरक्षण की आवश्यकता है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक धन का उपयोग अपने एजेंडे के अनुसार कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि टैक्स का पैसा राज्य के हर धर्म के लोग भरते हैं, इसलिए सरकारी खजाने का लाभ भी सभी समुदायों को समान रूप से मिलना चाहिए।
क्या यह नफरत का माहौल बनाने की कोशिश है?
मीडिया से बातचीत करते हुए चौधरी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चलाने का अर्थ यह नहीं है कि आम लोगों के पैसे का इस्तेमाल मनमाने तरीके से किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मजहब की दीवारें खड़ी कर राज्य में नफरत का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
चौधरी ने आगे कहा कि हमारा देश किसी एक धर्म का नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार के इस कदम से ऐसा प्रतीत होता है कि यह केवल एक विशेष समुदाय की सरकार है। उन्होंने जोर दिया कि आज के दौर में धर्म के नाम पर भेदभाव सही नहीं है।
पृष्ठभूमि: क्या है तीर्थक्षेत्र सर्किट ?
बता दें कि 6 नवंबर, 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के पुराने हिंदू मंदिरों के जीर्णोद्धार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की इस महत्वकांक्षी योजना की घोषणा की थी। सरकार का दावा है कि इससे राज्य के सांस्कृतिक और पौराणिक स्थलों का कायाकल्प होगा।
हालांकि, विपक्षी दलों द्वारा इस घोषणा को तुष्टीकरण और ध्रुवीकरण की राजनीति के चश्मे से देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी कोई नई योजना सामने आती है।
Murshidabad, West Bengal: Reacting to West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari’s announcement of a Rs 1,000 crore Tirthakshetra Circuit for the renovation of ancient temples, Congress leader Adhir Ranjan Chowdhury says, “Why only temples? In Bengal, we also have churches,… pic.twitter.com/m9ZLYDoa1B
— IANS (@ians_india) November 8, 2026
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