बस्तर से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: नक्सलवाद का खात्मा, 40 साल बाद सबसे खास दिवाली
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नई दिल्ली/बस्तर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष दीपावली का त्योहार छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के साथ मनाया। इस अवसर को ऐतिहासिक करार देते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि देश अब नक्सलवाद और माओवादी आतंक के दशकों पुराने साये से मुक्त हो चुका है। उन्होंने इस उपलब्धि का पूरा श्रेय सुरक्षाबलों के साहस और समर्पण को दिया।

40-50 साल बाद मिली ‘नक्सल मुक्त’ दिवाली

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की दिवाली विशेष है क्योंकि देश का हर जिला अब नक्सलवाद के भय से मुक्त है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय देश के 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले वामपंथी उग्रवाद की चपेट में थे। उन्होंने दंतेवाड़ा में 2010 में हुए भीषण नक्सली हमले का जिक्र करते हुए कहा कि तब सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप था। प्रधानमंत्री ने गर्व से कहा कि 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है जब पिछले एक साल में सीआरपीएफ के किसी भी जवान को ड्यूटी के दौरान शहादत नहीं देनी पड़ी।

बदली रणनीति और जीरो टॉलरेंस नीति

प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए 2014 के बाद अपनाई गई सख्त रणनीति को श्रेय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने न केवल सुरक्षा बलों को निर्णय लेने की आजादी दी, बल्कि नक्सलियों की फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क की कमर तोड़ दी। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले इसे एक नामुमकिन समस्या मान लिया गया था, लेकिन उनकी सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ इस चुनौती को जड़ से खत्म किया।

गोली नहीं, विकास की गूंज

मोदी सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केवल सुरक्षा अभियान ही नहीं, बल्कि ढांचागत विकास पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन इलाकों में 15,000 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई गईं और 9,500 से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए गए। इसके अलावा, आदिवासी युवाओं के लिए 175 एकलव्य विद्यालय और 50 से अधिक कौशल विकास केंद्र खोले गए, ताकि क्षेत्र की मुख्यधारा से युवाओं को जोड़ा जा सके।

दिमागी नक्सलियों से रहने की चेतावनी

हथियारबंद नक्सलवाद पर जीत के बावजूद, प्रधानमंत्री ने एक नई चुनौती की ओर इशारा किया। उन्होंने दिमागी नक्सलियों (Urban Naxals) का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग अभी भी संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ युवाओं को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों और सुरक्षाबलों से आग्रह किया कि वे इन तत्वों के प्रति सतर्क रहें क्योंकि ये देश की प्रगति में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

विकसित भारत का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत , आत्मनिर्भर भारत और नशामुक्त भारत का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि आज भारत गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकल रहा है और विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में 50 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। उन्होंने सुरक्षाबलों के परिवार को अपना परिवार बताते हुए उनके बलिदान को राष्ट्र की नींव का पत्थर करार दिया।

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