केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में OBC-NCL सर्टिफिकेट की वैधता (Validity) एक बड़ा विवाद बन गई है। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी, जिन्होंने B.Ed और अन्य उच्च डिग्रियां हासिल की हैं, अब सिर्फ एक सर्टिफिकेट के कारण खुद को सिस्टम से बाहर होता देख रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और पूंजी इस परीक्षा के लिए झोंक दी थी, लेकिन तकनीकी नियमों की बारीकियों ने उनका भविष्य अधर में लटका दिया है।
KVS और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की भर्ती नियमों के अनुसार, OBC-NCL प्रमाण पत्र का एक निश्चित समय सीमा में जारी होना अनिवार्य है। भर्ती अधिसूचना के मुताबिक, उम्मीदवार का सर्टिफिकेट 1 जनवरी 2025 से 4 दिसंबर 2025 के बीच का ही होना चाहिए। इस तय अवधि से एक दिन पहले या बाद में जारी हुआ सर्टिफिकेट दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) के दौरान अमान्य माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर इस नियम को लेकर भारी विरोध देखने को मिल रहा है। ऋषिकेश नाम के एक अभ्यर्थी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए सवाल उठाया है कि यदि कोई व्यक्ति 2024 और 2026 में OBC-NCL श्रेणी में आता है, तो वह 2025 में अचानक क्रीमी लेयर में कैसे शामिल हो सकता है? उम्मीदवारों का कहना है कि जब उनकी आर्थिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, तो केवल तारीख के आधार पर उन्हें बाहर करना सरासर अन्याय है।
इस सख्त नियम के कारण वेरिफाइंग और कंट्रोलिंग अधिकारियों ने कई योग्य उम्मीदवारों को अयोग्य (Not Eligible) घोषित कर दिया है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान छोटी सी तकनीकी गलती या निर्धारित तारीख के दायरे से बाहर होने की वजह से वर्षों की तैयारी पर पानी फिर रहा है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि वे तब भी OBC वर्ग में थे और आज भी हैं, फिर प्रमाणपत्र की डेटलाइन पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है?
इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। भर्ती प्रक्रिया से बाहर किए गए अभ्यर्थी KVS के सामने सवाल खड़े कर रहे हैं कि क्या यह समानता का न्याय है? उम्मीदवारों का कहना है कि नियमों में लचीलापन होना चाहिए, क्योंकि सर्टिफिकेट जारी करना पूरी तरह से सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिस पर उम्मीदवार का पूर्ण नियंत्रण नहीं होता।
अब बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि KVS प्रशासन इस जटिल प्रक्रिया पर दोबारा विचार करे और उन योग्य उम्मीदवारों को राहत दे, जिनके पास आवेदन करने के समय पात्रता के सभी मानदंड पूरे थे। क्या KVS अपनी इस सख्त नीति में नरमी बरतेगा, यह अभी भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
प्रिय ओबीसी वर्ग!
— RISHI BHAMBHU (@im_abhinav_shiv) November 8, 2026
आप किस दिवाली की खुशियां मना रहे हो?@KVS_HQ एक ओबीसी सर्टिफिकेट की वजह से बाहर करना कितना उचित है?
मै 2024 में ओबीसी ncl था, 2026में ओबीसी ncl हूं तो 2025 में कैसे ओबीसी क्रोमिलेयर बन गया?
जबकि मेरा परिवार 2014 से BPL है?
क्या यही है समानता का न्याय? pic.twitter.com/eke6ke4P58
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