दिवाली की रात जहरीली: दिल्ली के 23 इलाकों में AQI 400 के पार, दमघोंटू हवा से बढ़ी चिंता
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दीपावली के जश्न के बीच राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है। तमाम प्रतिबंधों और प्रशासन की सख्ती के बावजूद आतिशबाजी ने प्रदूषण के स्तर को खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है। सुबह की शुरुआत धुंध की एक मोटी चादर के साथ हुई, जिसने लोगों की सांसें दुश्वार कर दी हैं।

जहांगीरपुरी बना सबसे प्रदूषित इलाका केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 23 इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो गंभीर (Severe) श्रेणी में आता है। सबसे खराब स्थिति जहांगीरपुरी की है, जहां AQI 450 दर्ज किया गया। इसके अलावा, पंजाबी बाग (449), आरके पुरम (448), बवाना (446), रोहिणी (445) और आईआईटी दिल्ली (445) में भी हवा सांस लेने लायक नहीं है।

अस्पतालों के पास भी खतरनाक स्थिति एम्स (AIIMS) जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास भी हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी (421) में दर्ज की गई है। शहर का औसत AQI 384 बना हुआ है, जो बहुत खराब श्रेणी को दर्शाता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा हो गए हैं।

अगले कुछ दिनों में गिरेगा तापमान प्रदूषण के साथ-साथ मौसम का मिजाज भी बदल रहा है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की धीमी गति और गिरता तापमान प्रदूषण के कणों को जमीन के करीब रोक रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।

नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्धारित समय (सुबह 6-7 और रात 8-10 बजे) के दौरान ही ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति है। साइलेंस जोन यानी अस्पताल, हेल्थ सेंटर और स्कूलों के 300 मीटर दायरे में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त है। पटाखे जब्त करने के साथ-साथ विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं और संबंधित व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, 9 नवंबर से पटाखों पर दोबारा पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी हो जाएगा।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और केवल निर्धारित मानकों वाले ग्रीन पटाखों का ही सीमित उपयोग करें।

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