धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना पर शुरू हुआ विवाद अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) की आंतरिक कलह का कारण बन गया है। एक ही मुद्दे पर पार्टी के दो बड़े नेताओं के सुर पूरी तरह अलग हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पार्टी अध्यक्ष ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी है। अंबेडकर नगर में मीडिया से बात करते हुए राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव को लगता है कि धीरेंद्र शास्त्री ने गलत बयान दिया है, तो वे सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें, बल्कि सड़क पर उतरकर विरोध करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, क्या अखिलेश यादव जिंदा हैं या मुर्दा? अगर दम है तो सड़क पर आकर अपना पौरुष दिखाएं।
राजभर के बयान के बीच, सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राजस्थान प्रभारी सुभाष चंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपनी ही सरकार और गठबंधन (NDA) को कठघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान श्रीकृष्ण के अपमान पर भाजपा, रालोद और अपना दल (एस) के नेता क्यों चुप हैं? उन्होंने स्पष्ट पूछा, क्या अब भगवान का सम्मान भी जाति और राजनीतिक समीकरण देखकर तय होगा?
सुभाष चंद्र यादव ने अपनी पोस्ट में संकेत दिया कि वे किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई से नहीं डरते। उन्होंने दोटूक कहा कि सनातन धर्म और श्रीकृष्ण के मान-सम्मान के मुद्दे पर वे किसी भी दल या गठबंधन से समझौता करने को तैयार नहीं हैं। भले ही इसके लिए उन्हें पार्टी क्यों न छोड़नी पड़े।
इस पूरे घटनाक्रम पर सुभासपा ने अपना बचाव करते हुए प्रवक्ता के बयान से दूरी बना ली है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि सुभाष चंद्र यादव का बयान उनका पूरी तरह से व्यक्तिगत विचार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बयान का पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना-देना नहीं है।
फिलहाल सुभासपा एक अजीब स्थिति में फंस गई है। एक तरफ अध्यक्ष ओपी राजभर विपक्ष को चुनौती देकर अपनी आक्रामक छवि बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रवक्ता के बयानों ने गठबंधन के भीतर ही असहज स्थिति पैदा कर दी है। पार्टी के भीतर की यह खींचतान अब चर्चा का विषय बन गई है कि आखिर इस मामले में सुभासपा का असली स्टैंड क्या है?
मैं किसी भी राजनेता का नाम नहीं लूँगा, क्योंकि नाम लेने से कार्यकर्ता नाराज हो सकते हैं और संभव है कि मेरे ऊपर भी कोई न कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हो जाए। लेकिन जो सत्य है, वह सत्य है और उसे कहने का साहस भी होना चाहिए।
— Subhash Chandra Yadav (@IAmYadavSubhash) November 5, 2026
भगवान विष्णु के द्वापर युग के अवतार, धर्म की स्थापना और अधर्म… pic.twitter.com/PSv1b1FPsK
हल्के होकर सेट पर आना : इंटिमेट सीन से पहले मेल एक्टर्स को दी जाती है ये अजीब सलाह, नायरा बनर्जी ने खोला राज
पहली फ्लाइट पकड़ो और अमेरिका भाग जाओ : महुआ मोइत्रा की CEC ज्ञानेश कुमार को सीधी धमकी, दी जेल भेजने की चेतावनी
त्योहारी सीजन में राजनीतिक रैलियों से व्यापार को तगड़ा झटका: व्यापारियों ने राहुल गांधी को लिखा पत्र
रणबीर कपूर की रामायणम् : वो 5 बड़े कारण जो इस फिल्म को बनाते हैं बाकी सबसे अलग!
जेल से बाहर निकलते ही गैंगस्टर बना हत्या का आरोपी, बोलेरो के बोनट पर सवार होकर किया शक्ति प्रदर्शन
भजनलाल परिवार की आदमपुर में घर वापसी : दुकान नंबर 107 बना IAS परी बिश्नोई का नया आशियाना
IND vs NZ: दूसरा वनडे, विराट कोहली के पास रिकी पोंटिंग को पछाड़कर इतिहास रचने का मौका
बीजेपी की घबराहट का नतीजा : AAP विधायक के घर ED रेड पर भड़कीं अजेंदरपाल कौर
दिल्ली से गुवाहाटी अब सिर्फ 8 घंटे का सफर: देश के सबसे लंबे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मिली मंजूरी
ट्रेन के टॉयलेट से एक-एक कर निकले लड़का-लड़की, वीडियो देख भड़के लोग; जानें क्या है सच्चाई