अमेरिका में हालिया मिडटर्म चुनाव के नतीजे डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा झटका बनकर उभरे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की नीली लहर ने दोनों सदनों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे ट्रंप की सत्ता पर दबाव साफ महसूस किया जा सकता है।
नतीजों के रुझान जैसे-जैसे प्रतिकूल हुए, ट्रंप के रुख में एक स्पष्ट नरमी देखी गई। उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी जनता के फैसले का सम्मान करने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने पार्टी के लचर प्रदर्शन से खुद को अलग करते हुए हार की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।
ट्रंप ने अपनी भावी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि उनके पास वीटो का ब्रह्मास्त्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डेमोक्रेट्स उनके पास पागलपन भरे प्रस्ताव भेजते हैं, तो वह उन पर सीधे वीटो लगा देंगे। उनका मानना है कि जब तक विपक्ष को यह समझ नहीं आएगा कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना कोई कानून नहीं बन सकता, तब तक वे समझौते के लिए मजबूर नहीं होंगे।
कड़े तेवरों के बावजूद ट्रंप ने दावा किया कि वह पर्दे के पीछे सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि डेमोक्रेटिक पार्टी के कई शीर्ष नेताओं (सीनेटरों और कांग्रेसियों) ने उनसे संपर्क साधा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि वे राजनीतिक सौदेबाजी के लिए तैयार हैं, बशर्ते उनकी शर्तों को माना जाए।
ईरान युद्ध का असर: मिडटर्म चुनाव में ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष ने रिपब्लिकन पार्टी की नींव हिला दी। विदेशी युद्ध में उलझने और बेतहाशा बजट खर्च करने के फैसले से आम अमेरिकी जनता नाराज थी।
महंगाई और ईंधन का संकट: गैस, बिजली और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने मतदाताओं की कमर तोड़ दी। आर्थिक मोर्चे पर विफलताओं को जनता ने सरकार के खिलाफ वोट देकर दर्ज कराया।
ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट: चुनाव से पहले हुए सर्वे में ट्रंप की लोकप्रियता का ग्राफ चिंताजनक स्तर तक गिर गया था। उनकी शैली और बयानों से स्वतंत्र और मध्यमार्गी मतदाता पूरी तरह कट गए।
युवा और उपनगरीय मतदाताओं की नाराजगी: रिपब्लिकन पार्टी अपने पारंपरिक ग्रामीण वोट बैंक को तो बचा पाई, लेकिन शहरों और उपनगरों के युवा और महिला वोटरों ने लोकतांत्रिक मूल्यों के नाम पर डेमोक्रेट्स पर भरोसा जताया।
डेमोक्रेटिक पार्टी का एकजुट होना: विपक्ष ने चेक एंड बैलेंस का नारा देकर अपने समर्थकों को अभूतपूर्व संख्या में मतदान केंद्र तक पहुंचाया। रिपब्लिकन पार्टी के एकतरफा फैसलों के खिलाफ लोगों ने विरोध में लामबंदी की।
Why does FoxNews have Bill de Blasio, the Worst Mayor in the History of New York City, on air, ranting and raving like a Lunatic? He left the City in disgrace, and the damage he caused was incalculable — It has never been the same, and now he’s telling us how to run America.… pic.twitter.com/NoEDyMfZnI
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) November 4, 2026
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