ब्रुसेल्स में उच्च-स्तरीय मंथन भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। हाल ही में ब्रुसेल्स में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों में भारतीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने यूरोपीय आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समझौते को लागू करने की बारीकियों और बाजार पहुंच से जुड़ी बाधाओं को दूर करना था।
आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार सुगमता पर जोर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने यूरोपीय आयोग की महानिदेशक डिट्टे जूल जोर्गेनसेन के साथ मुलाकात की। दोनों पक्षों ने आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला बनाने और भारत-यूरोपीय संघ की कंपनियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा करने पर सहमति जताई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि एक निष्पक्ष और संतुलित समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कराधान एवं सीमा शुल्क संघ के महानिदेशक गेरासिमोस थॉमस के साथ हुई अलग बैठक में व्यापार सुगमता मुख्य मुद्दा रहा। दोनों पक्षों ने सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को डिजिटल, पारदर्शी और कुशल बनाने का संकल्प लिया ताकि व्यापारियों के लिए लेनदेन की लागत को कम किया जा सके। इसके अलावा, माल की आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
दिसंबर में हस्ताक्षर की उम्मीद, 2027 में होगा लागू बता दें कि भारत और यूरोपीय संघ ने जनवरी 2026 में ही FTA की बातचीत आधिकारिक तौर पर पूरी कर ली थी। वर्तमान में समझौते का कानूनी सत्यापन और जांच चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर 2026 के मध्य तक इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे, जिसके बाद इसे 2027 के मध्य तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा? इस प्रस्तावित समझौते के तहत भारत अपने निर्यात के 99 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर शुल्क मुक्त पहुंच प्राप्त करेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कपड़ा, चमड़ा और आभूषण उद्योग को मिलेगा। वहीं, भारत यूरोपीय सामानों पर शुल्क कम करेगा, जिसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए एक विशेष कोटा (250,000 यूनिट्स) भी शामिल है।
हीरा उद्योग पर विशेष फोकस व्यापार वार्ता के इतर, वाणिज्य सचिव ने एंटवर्प के हीरा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस दौरान वैश्विक हीरा मूल्य श्रृंखला, उत्पादों की ट्रेसिबिलिटी (स्रोत का पता लगाना) और जिम्मेदार सोर्सिंग पर बातचीत हुई। भारत का बढ़ता हुआ हीरा विनिर्माण इकोसिस्टम इस साझेदारी के जरिए वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने की तैयारी में है।
Commerce Secretary Shri @RajeshAgrawal94, and Ambassador Shri Pranay Verma addressed a business roundtable co-hosted by the Embassy of India in Brussels and BusinessEurope on 30 October 2026, highlighting the India-EU FTA and its potential to boost trade, investment and business… pic.twitter.com/4ofjm1WXkg
— Dept of Commerce, GoI (@DoC_GoI) November 1, 2026
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