सऊदी अरब में पाकिस्तान और तुर्की की सेना की मौजूदगी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरानी-अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषक सैयद मोहम्मद मरांडी ने दावा किया है कि इन देशों की सेनाओं को वहां किसी बाहरी युद्ध के लिए नहीं, बल्कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की सत्ता को सुरक्षित रखने के लिए तैनात किया गया है।
तख्तापलट के डर से तैनाती? मरांडी के अनुसार, सऊदी अरब में पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य मौजूदगी एक सुरक्षा कवच की तरह है। उनका मानना है कि यदि सऊदी शाही परिवार के भीतर बगावत होती है, कबीले विद्रोह करते हैं या आम जनता (सिविल सोसाइटी) सड़क पर उतर आती है, तो ये सेनाएं प्रिंस सलमान की कुर्सी बचाने के लिए हस्तक्षेप करेंगी।
अमेरिकी खेमे के बंधक हैं ये देश विश्लेषक ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब तीनों ही देश अमेरिकी खेमे का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ये देश ईरान की तरह स्वतंत्र नहीं हैं। नतीजतन, इनकी नीतियां और फैसले अमेरिका के प्रभाव से बाहर नहीं जा सकते। यही कारण है कि इनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मर्जी से पैंतरेबाजी करने की बहुत कम गुंजाइश है।
बंद दरवाजों के पीछे आक्रामक, बाहर शांत मरांडी के मुताबिक, तेहरान में हुई हालिया बैठकों में इन देशों के प्रतिनिधि भले ही सार्वजनिक रूप से संयमित दिखें, लेकिन बंद दरवाजों के पीछे वे इजरायल के खिलाफ काफी आक्रामक रुख अपनाते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि ऐसी बातचीत से जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव आने की उम्मीद नहीं है क्योंकि ये देश सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने से बच रहे हैं।
यमन युद्ध से दूरी का असली मकसद पाकिस्तान और तुर्की ने लंबे समय से यह स्पष्ट किया है कि उनकी तैनाती मक्का डिफेंस पैक्ट के तहत रक्षात्मक है। वे हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब की रक्षा तो कर रहे हैं, लेकिन यमन के सीधे युद्ध में शामिल होने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सऊदी अरब अपनी आंतरिक सुरक्षा के लिए पूरी तरह से विदेशी सेनाओं पर निर्भर हो गया है? विशेषज्ञों का मानना है कि प्रिंस सलमान का यह कदम उनकी सत्ता के प्रति बढ़ते अविश्वास और आंतरिक खतरों को दर्शाता है।
WOW!!! PAKISTAN & TURKEY’S JOB IS TO PROTECT MBS FROM A COUP@s_m_marandi:
— Sulaiman Ahmed (@ShaykhSulaiman) October 30, 2026
Turkey and Pakistan are there to protect MBS in case of internal strife, but their room for maneuver is VERY LIMITED
They are in the AMERICAN CAMP pic.twitter.com/xwyxHzOV0f
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