महाराष्ट्र की राजनीति में अक्सर एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे का एक मंच पर आना चर्चा का विषय बन गया है। विधान परिषद चुनाव के बाद हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया था।
क्यों साथ आए दिग्गज नेता? मंच साझा करने की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था। ‘महाराष्ट्रच्या हास्य रेषा’ नामक पुस्तक के विमोचन पर तीनों नेता एक साहित्य प्रेमी के तौर पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि 75 वर्षों के कार्टूनिंग इतिहास को समेटने वाली इस पुस्तक के मंच पर माहौल बेहद खुशनुमा और हल्का-फुल्का था।
विचार अलग, लेकिन संस्कृति एक सीएम फडणवीस ने कहा, हमारी विचारधाराएं अलग हो सकती हैं और राजनीतिक मतभेद भी, लेकिन इन सबके बावजूद हम ऐसे आयोजनों में साथ आ सकते हैं। महाराष्ट्र की संस्कृति यही है कि हम वैचारिक दुराव के बाद भी एक-दूसरे का सम्मान करना जानते हैं। उन्होंने भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रमों की वकालत भी की।
2029 तक सीएम पद को लेकर राज ठाकरे का तंज कार्यक्रम के दौरान हंसी-मजाक का दौर भी खूब चला। संस्कृति मंत्री आशीष शेलार द्वारा फडणवीस की तारीफ किए जाने पर राज ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा, मैं आशीष शेलार से कहूंगा कि 2029 तक मुख्यमंत्री को अपने पास ही संभाल कर रखें। राज ठाकरे के इस मजाकिया अंदाज पर वहां मौजूद सभी लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
फडणवीस का उद्धव पर कटाक्ष राज ठाकरे के बयान पर पलटवार करते हुए सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 2019 से पहले उद्धव ठाकरे जब भी फोन करते थे, मैं उनसे मिलने पहुंच जाता था। लेकिन 2019 के बाद से तो मैं उनके फोन का इंतजार ही करता रह गया, उन्होंने फोन करना ही बंद कर दिया। इस बयान ने कार्यक्रम में बैठे लोगों के बीच ठहाके लगा दिए।
ग्रेजुएट चुनाव और कार्टूनों पर चर्चा राज ठाकरे ने एमएलसी चुनावों की व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि यह देश महान है जहाँ ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार का खुद का ग्रेजुएट होना जरूरी नहीं है। वहीं, कार्टूनों के महत्व पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि तनाव कम करने के लिए राजनेताओं को अपने कार्टून का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि विंस्टन चर्चिल जैसे दिग्गज नेता भी अपने कार्टून घर में सजा कर रखते थे।
यह कार्यक्रम पूरी तरह से राजनीति से इतर हंसी-ठिठोली और कला के नाम रहा। हालांकि, इन दिग्गजों का एक मंच पर दिखना महाराष्ट्र की जनता के बीच कौतूहल का विषय जरूर बना हुआ है।
Pune | On attending the unveiling of the book Maharashtra Chya Hasya Resha yesterday, Maharashtra CM Devendra Fadnavis says, I think yesterday s programme was a wonderful event. The book, titled Maharashtrachya Hasyarekha, featured 75 cartoonists who have contributed to… pic.twitter.com/9ZwCUfUbsk
— ANI (@ANI) October 30, 2026
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