महाराष्ट्र के अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) में मचे हड़कंप के बीच राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों के खिलाफ की गई कार्रवाई में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद मंत्री नरहरि जिरवाल ने यह बड़ा एक्शन लिया है।
4 अधिकारियों का निलंबन, कुल 25 घेरे में राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से 4 उच्च अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, 21 अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जिन अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है, उनमें अन्न सह आयुक्त दिगंबर भोगावडे, सहायक आयुक्त यदुराज दहातोंडे, और अन्न सुरक्षा अधिकारी अशोक इलागेर व सी. आर. स्वामी शामिल हैं। इन सभी पर महाराष्ट्र नागरिक सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
क्या थीं गंभीर खामियां? यह कार्रवाई ठाणे की ‘मेसर्स हाई स्ट्रीट इम्पेक्स एलएलपी’ और पुणे की ‘सोएक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के मामले में की गई आंतरिक जांच के बाद हुई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन किया और प्रशासनिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं।
जांच में यह भी सामने आया कि ठाणे मामले में कंपनी के उत्पाद पर स्पष्ट रूप से लिखा था कि यह ‘खाने योग्य नहीं’ है, फिर भी अन्न सुरक्षा कानून के तहत गलत तरीके से कार्रवाई की गई। आरोप है कि इस दबाव को न मानने वाले ईमानदार अधिकारियों को ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए थे।
पुणे का 31 करोड़ का मामला पुणे के मावल स्थित सोएक्स इंडिया पर छापेमारी के दौरान 31.67 करोड़ रुपये से अधिक का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया था। लेकिन इस प्रक्रिया में कानूनी नियमों की अनदेखी की गई, जो विभाग की छवि खराब करने के लिए पर्याप्त थी। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा कराई गई गहन जांच में इन सभी अनिमितताओं का खुलासा हुआ है।
प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का संदेश मंत्री नरहरि जिरवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का यह कदम विभाग में व्याप्त कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने और अधिकारियों में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह संकेत साफ है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों को अब गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
*प्रतिबंधित तंबाखूजन्य पदार्थांवरील कारवाईतील अनियमिततेची गंभीर दखल घेत राज्य शासनाने अन्न व औषध प्रशासनाच्या चार अधिकाऱ्यांना #निलंबित, तर अन्य २१ अधिकाऱ्यांविरुद्ध #विभागीयचौकशी सुरू केली आहे. ठाण्यातील मेसर्स हायस्ट्रीट इम्पेक्स एलएलपी आणि मावळ तालुक्यातील मेसर्स सोएक्स इंडिया… pic.twitter.com/qE1c788h4D
— MAHARASHTRA DGIPR (@MahaDGIPR) October 30, 2026
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