महाराष्ट्र की राजनीति में एक बेहद दुर्लभ और यादगार नजारा देखने को मिला। मुंबई में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर साथ नजर आए। इस दौरान तीनों नेताओं के बीच राजनीतिक कटुता के बजाय आत्मीयता, हसी-ठिठोली और गर्मजोशी दिखी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंच से लोगों की उत्सुकता पर चुटकी ली। उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि हमारे साथ आने पर लोगों को इतना आश्चर्य क्यों हुआ? महाराष्ट्र की संस्कृति रही है कि हम राजनीतिक मतभेदों के बावजूद साहित्य और कला के लिए एक साथ आ सकते हैं। उन्होंने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र का सौभाग्य है कि यहां वैचारिक मतभेद व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं बदलते।
फडणवीस ने खुलासा किया कि इस कार्यक्रम में आने का सुझाव खुद राज ठाकरे ने दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा, राज ठाकरे ने ही मुझे फोन किया था और सुझाव दिया कि इस पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री के हाथों होना चाहिए। फडणवीस ने राज ठाकरे के साथ अपनी पुरानी मुलाकात का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, मैंने राज से गुजारिश की थी कि मेरे व्यंग्यचित्र में नाक-कान भले ही बड़े बना दें, लेकिन पेट बड़ा न बनाएं।
मंच पर राज ठाकरे ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने 1979-80 में मार्मिक पत्रिका से अपने सफर की शुरुआत की थी। वहीं, उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे के व्यंग्यचित्रों को याद किया। उन्होंने कहा, एक सच्चा व्यंग्यचित्रकार किसी का मजाक नहीं उड़ाता, बल्कि परिस्थितियों की गहराई को समझता है। यह कला हमें खुद पर हंसना सिखाती है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मराठी व्यंग्यचित्रकारों के लिए एक समर्पित आर्ट गैलरी का एलान रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि वे इस दिशा में पहल करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गैलरी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए वे राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे, दोनों की विशेषज्ञता और सुझावों का लाभ लेंगे।
यह कार्यक्रम लंबे समय बाद एक ऐसा मौका रहा जब ठाकरे परिवार के दोनों धुरंधर और भाजपा के वरिष्ठ नेता ने राजनीति से ऊपर उठकर एक-दूसरे के साथ सुखद पलों को साझा किया।
Mumbai, Maharashtra: Chief Minister Devendra Fadnavis, former Chief Minister Uddhav Thackeray and MNS chief Raj Thackeray share the stage at the launch of ‘Maharashtrachya Hasyaresha’, a book edited by renowned cartoonist Prashant Kulkarni. pic.twitter.com/JV1SxQjjXE
— IANS (@ians_india) October 29, 2026
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