RSS के गढ़ में कांग्रेस का डंका: कौन हैं अभिजीत वंजारी, जिसने बीजेपी को उसके ही घर में दी करारी मात?
News Image

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की नींद उड़ा दी है। नागपुर की स्नातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बीजेपी को शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार अपनी जीत का परचम लहराया है। यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर भी।

कौन हैं अभिजीत वंजारी?

अभिजीत गोविंदराव वंजारी एक जाने-माने वकील और शिक्षाविद हैं। उनका परिवार लंबे समय से राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उनके पिता, स्वर्गीय गोविंदराव मारोतराव वंजारी, दक्षिण नागपुर विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे थे। अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए अभिजीत ने राजनीति में कदम रखा।

उनका सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। उन्होंने 1998 से 2002 तक एनएसयूआई (NSUI) के महासचिव के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे युवा कांग्रेस के सचिव और नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। राजनीति के साथ-साथ वे अमर सेवा मंडल शिक्षण संस्था के सचिव भी हैं, जो विदर्भ में कई कॉलेज संचालित करती है।

गढ़ में कैसे मिली लगातार दूसरी जीत?

नागपुर स्नातक सीट को लंबे समय से बीजेपी का अभेद्य किला माना जाता रहा है। अभिजीत वंजारी ने पहली बार दिसंबर 2020 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी, तब उन्होंने 18 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।

हालांकि, उनका राजनीतिक सफर हमेशा आसान नहीं रहा। 2005 और 2014 के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इन असफलताओं के बावजूद, उन्होंने संगठन और शिक्षा जगत में अपनी सक्रियता बनाए रखी। जनता के साथ उनका जमीनी जुड़ाव ही उनकी इस लगातार दूसरी जीत का मुख्य कारण बना।

महाराष्ट्र में महायुति को झटका, एमवीए का पलड़ा भारी

हाल ही में संपन्न पांच एमएलसी सीटों के चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति को केवल दो सीटें मिलीं, जबकि महा विकास आघाड़ी (MVA) ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया।

इन नतीजों का विवरण कुछ इस प्रकार रहा:

बीजेपी की टेंशन क्यों बढ़ गई?

महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों ने भी बीजेपी के लिए चिंताएं बढ़ाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर तंज कसा है। लेकिन नागपुर में बीजेपी की हार पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश है।

संघ के गढ़ में कांग्रेस की मौजूदगी और अभिजीत वंजारी की निरंतर सफलता इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर समीकरण बदल रहे हैं। यह जीत न केवल कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा लेकर आई है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए विपक्ष को एक नया आत्मविश्वास भी दे रही है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

सुपर अल नीनो का खौफनाक अलार्म: भारत समेत दुनिया भर में 3.5 लाख से ज्यादा मौतों का खतरा

Story 1

IPL 2027 से पहले मुंबई इंडियंस में बड़ा फेरबदल, लसिथ मलिंगा समेत तीन दिग्गज कोचों की छुट्टी

Story 1

कौन हैं बलिया वाली दीदी ? जिसने न्यूजीलैंड में वैभव सूर्यवंशी को दी गर्म पानी की सलाह

Story 1

IND vs NZ: टीम इंडिया को मिली बड़ी राहत, चोट के बाद मैदान पर लौटे ईशान किशन

Story 1

15 साल की उमा काशवी ने रचा इतिहास: WPL ऑक्शन में बनीं सबसे युवा खिलाड़ी

Story 1

IND vs NZ: ऑकलैंड में काले बादलों का साया, क्या धुल जाएगा चौथा टी20 मुकाबला?

Story 1

28 साल की उम्र में संन्यास लेकर आयरलैंड के स्टार स्पिनर ने चौंकाया, तीन वर्ल्ड कप खेल चुके हैं बेन व्हाइट

Story 1

महाराष्ट्र में डिजिटल क्रांति: AI और एकीकृत डेटाबेस से सरकारी योजनाओं का होगा कायाकल्प

Story 1

T20 सीरीज के बीच न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, स्टार गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन बाहर

Story 1

हमेशा मेरी बहन रहोगी : लव गिल को नॉमिनेट करने के बाद स्काउट की दोस्त वाली हरकत पर मचा बवाल