जामिया में सुलगी आग: कैंपस 12 जनवरी तक बंद, छात्रों की हंगर स्ट्राइक जारी
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ (स्टूडेंट यूनियन) की बहाली को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और गहरा गया है। हालात को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस को 12 जनवरी 2027 तक पूरी तरह बंद करने का बड़ा फैसला लिया है।

ऑनलाइन मोड में होगी पढ़ाई यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, अब क्लासरूम सेशन 13 जनवरी 2027 से शुरू होंगे। तब तक सभी कक्षाएं ऑनलाइन मोड में चलेंगी। ऑनलाइन क्लास की समय सीमा को पहले के 8 नवंबर से बढ़ाकर अब 24 नवंबर कर दिया गया है। शिक्षकों को भी इसी अवधि तक ऑनलाइन ड्यूटी देनी होगी।

परीक्षाओं का नया शेड्यूल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी परीक्षा ऑफलाइन नहीं होगी। सभी प्रैक्टिकल, फील्ड वर्क और वाइवा 25 नवंबर से 30 नवंबर के बीच ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद, थ्योरी पेपर की परीक्षाएं 1 दिसंबर से 24 दिसंबर तक ऑनलाइन मोड में ही संपन्न होंगी। 25 दिसंबर से 12 जनवरी तक यूनिवर्सिटी में विंटर ब्रेक रहेगा।

छात्रों की सुरक्षा पर प्रशासन की नजर कैंपस बंद करने का निर्णय बीते बुधवार को डीन, हेड ऑफ डिपार्टमेंट्स और अन्य अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में कैंपस का माहौल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अनुकूल नहीं है। छात्रों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है, इसलिए कैंपस को खाली करने का निर्देश दिया गया है।

17वें दिन भी जारी रही भूख हड़ताल कैंपस बंद होने के बावजूद छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। स्टूडेंट यूनियन की बहाली के लिए जारी छात्रों की भूख हड़ताल बुधवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गई। प्रशासन ने पहले आश्वासन दिया था कि संविधान को मंजूरी मिलते ही 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे, लेकिन छात्र इस पर राजी नहीं हैं। छात्रों की मांग है कि चुनाव की तारीख का ऐलान लिखित में किया जाए।

कांग्रेस का समर्थन, सियासत गरमाई इस मुद्दे पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने छात्रों का समर्थन करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि छात्र संविधान के अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत अपना हक मांग रहे हैं। चर्चा है कि छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी भी जल्द यूनिवर्सिटी पहुंच सकते हैं। फिलहाल, छात्रों और प्रशासन के बीच बना गतिरोध सुलझने के बजाय और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है।

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