एमएलसी चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, क्या बैलेट पेपर के बहाने घिर गई इंडिया गठबंधन?
News Image

एसआईआर (SIR) विवाद के बीच इंडिया गठबंधन 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में है। वहीं, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में चलो दिल्ली रैली बुलाई गई है। लेकिन इसी बीच आए विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने विपक्ष के इन दावों को बैकफुट पर धकेल दिया है।

MLC चुनाव: आंकड़ों से आई करारी हार हाल ही में यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों के नतीजे आए हैं। भाजपा ने इनमें से 14 सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं, 12 सीटों पर किस्मत आजमाने वाली कांग्रेस का प्रदर्शन शून्य रहा। सबसे बड़ी फजीहत कर्नाटक में हुई, जहां कांग्रेस अपनी एक सीट भी नहीं बचा सकी। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने जरूर कुछ हद तक सम्मान बचाया है, लेकिन कांग्रेस पूरी तरह से गायब दिखी।

भाजपा-जेडीयू का तंज: बैलेट पर भी फेल अपनी हार पर अक्सर ईवीएम पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस के लिए ये नतीजे असहज करने वाले हैं क्योंकि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, कर्नाटक में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था, फिर भी भाजपा ने सभी चार सीटें जीतीं। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि अब कांग्रेस कामचोरी छोड़े, वरना वोट चोरी का नारा खुद-बखुद बंद हो जाएगा।

जेडीयू के संजय झा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, राहुल गांधी दिल्ली चलो का नारा दे रहे हैं, लेकिन चुनावी नतीजे कह रहे हैं—बेंगलुरु, पटना, लखनऊ और मुंबई छोड़ो। 28 सीटों पर सफाया कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है।

महाभियोग की तैयारी और एसआईआर का विवाद चुनाव नतीजों से बेपरवाह कांग्रेस अब भी चुनाव आयोग पर हमलावर है। जयराम रमेश ने घोषणा की है कि 30 अक्टूबर को 10 राजाजी मार्ग पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम होगा। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला और सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रहा है।

वहीं, दूसरी ओर एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े भी हैरान करने वाले हैं। कर्नाटक में मतदाता सूची से लगभग एक करोड़ नाम हटाए गए हैं, जिसे लेकर कांग्रेस ने गड़बड़ी का आरोप लगाया था। दिल्ली में भी करीब 47.5 लाख नामों को ASDD श्रेणी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) में डाला गया है। इनमें कई बड़े नेताओं के नाम भी शामिल थे, जिसके बाद यह प्रक्रिया विवादों में आ गई थी।

त्योहारी सीजन में रैली पर व्यापारियों की आपत्ति दिवाली और त्योहारों के सीजन में रामलीला मैदान में बड़ी रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारी भी परेशान हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है, ताकि रैली के कारण होने वाले भारी नुकसान और भीड़ से निपटने पर बात की जा सके। फिलहाल, कांग्रेस का पूरा जोर महाभियोग और रैली पर है, लेकिन MLC चुनाव के नतीजों ने पार्टी की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

यूपी MLC चुनाव की हलचल: सपा का बड़ा दावा, 2027 में अखिलेश यादव ही होंगे मुख्यमंत्री

Story 1

रामायण की सीता का चौंकाने वाला बयान: बोलीं- रावण पूरी तरह बुरा नहीं था

Story 1

चक्रवाती तूफान अर्नब का तांडव: आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, लैंडफॉल से उखड़ीं छतें और जनजीवन अस्त-व्यस्त

Story 1

महाचक्रवात अर्नब का तटीय राज्यों में तांडव: आंध्र और ओडिशा में भारी तबाही, फ्लैश फ्लड का अलर्ट

Story 1

बंगाल की खाड़ी में अरब सागर से 4 गुना ज्यादा तूफान क्यों आते हैं? क्या इसमें गंगा का हाथ है?

Story 1

महंगाई का जहरीला डंक : खरगे का PM मोदी पर बड़ा हमला, कहा- अच्छे दिन के इंतजार में गंवाए 12 साल

Story 1

पहली बार पंजाब में गूंजेगी एशियन हॉकी की धमक: मुख्यमंत्री मान ने किया हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आगाज

Story 1

मुंबई की कमान जीशान सिद्दीकी के हाथ: सुनेत्रा पवार को बताया मां समान , संभाली एनसीपी की जिम्मेदारी

Story 1

ऑफिस में मैच देख रहे थे कर्मचारी, लाइव कैमरे पर पकड़े गए तो बदला रंग!

Story 1

भारत का जलवा: शेफाली और प्रतिका की आतिशी पारी से जिम्बाब्वे का 3-0 से सूपड़ा साफ