आज के दौर में हम सभी एक अनजाने जाल में फँसे हैं। सुबह आँख खुलते ही हाथ सबसे पहले फोन तक पहुँचता है और कब घंटों रील या वीडियो स्क्रॉल करते हुए बीत जाते हैं, हमें पता ही नहीं चलता। यह महज एक संयोग नहीं, बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा तैयार किया गया एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एडिक्टिव डिजाइन पर अब कानूनी सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें Meta, Google, Snapchat और X जैसे प्लेटफॉर्म्स के इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले और नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स की जांच की मांग की गई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या इन फीचर्स को नियंत्रित करने के लिए कोई नीति बनाने पर विचार किया जा रहा है।
इनफिनिट स्क्रॉल (Infinite Scroll) वह तकनीक है जिसमें नया कंटेंट बिना किसी बटन के खुद-ब-खुद लोड होता रहता है। पहले किसी पेज को खत्म करने के बाद Next पर क्लिक करना पड़ता था, जो यूजर को सोचने का मौका देता था। अब, कंटेंट का लगातार प्रवाह यूजर की निर्णय लेने की क्षमता को खत्म कर देता है, जिससे वह अनजाने में घंटों तक ऐप पर टिका रहता है।
ऑटोप्ले (Autoplay) एक और घातक फीचर है। एक वीडियो खत्म होते ही दूसरा खुद चलने लगता है। YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह फीचर आपकी पिछली पसंद के आधार पर ऐसे वीडियो सुझाता है जिसे आप देख ही लेते हैं। यह यूजर को ब्रेक लेने से रोकता है और उसे अपनी पसंद के कंटेंट के चक्रव्यूह में घुमाता रहता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम आपकी हर छोटी गतिविधि पर नजर रखता है। आप कितनी देर वीडियो देख रहे हैं, किसे लाइक कर रहे हैं, क्या सर्च कर रहे हैं और किसे फॉलो कर रहे हैं—इन डेटा पॉइंट्स का उपयोग करके वे आपको वही दिखाते हैं जो आपको बांधकर रखे। आपकी रुचि को ट्रैक करना ही उनकी कमाई का जरिया है, क्योंकि जितना ज्यादा समय आप ऐप पर बिताएंगे, उतनी ही ज्यादा विज्ञापन उन्हें आपको दिखाने को मिलेंगे।
सिर्फ कंटेंट ही नहीं, बल्कि नोटिफिकेशन और लाइक्स भी आपको फोन उठाने पर मजबूर करते हैं। जब किसी पोस्ट पर नोटिफिकेशन आता है, तो हमारा दिमाग डोपामाइन रिस्पॉन्स के जरिए हमें ऐप खोलने के लिए प्रेरित करता है। यह एक व्यवहारिक चक्र है जिसे कंपनियां अपनी व्यावसायिक सफलता के लिए इस्तेमाल करती हैं।
भारत में फिलहाल इन फीचर्स पर कोई सीधा प्रतिबंध नहीं है, लेकिन आप अपनी डिजिटल वेलबीइंग के लिए ये कदम उठा सकते हैं:
सोशल मीडिया का उद्देश्य आपको कनेक्ट करना था, लेकिन आज का डिजाइन आपको केवल एंगेज रखने पर केंद्रित है। समझदारी इसी में है कि आप तकनीक के गुलाम बनने के बजाय उसे अपने नियंत्रण में रखें।
🔴 Meta sued in Australia over addictive design features harming minors
— NewsTongue (@NewsTongueX) October 22, 2026
MinterEllison filed a class action in the Australian Federal Court on behalf of eight plaintiffs alleging Meta s Facebook and Instagram platforms used addictive design to harm children and teenagers below… pic.twitter.com/F7GsFlt4Uq
2,184 करोड़ की मेडिको सिटी से बदलेगी झारखंड की तस्वीर: स्वास्थ्य हब बनने की राह पर राज्य
चक्रवाती तूफान अर्नब का तांडव: आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, लैंडफॉल से उखड़ीं छतें और जनजीवन अस्त-व्यस्त
क्या यूपी के किसानों के दिन बदलने वाले हैं? मुआवजे से लेकर बीज वितरण तक सरकार का मास्टर प्लान
लॉस एंजेलिस से आया रामायण का पहला रिव्यू: रणबीर कपूर की परफॉरमेंस ने जीता दिल, लोगों ने की लॉर्ड ऑफ द रिंग्स से तुलना
चक्रवात अर्नब का तांडव: आंध्र-ओडिशा में भारी तबाही, 50 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द
20 साल की उम्र, सिर्फ तीसरा मैच और तहलका: वैष्णवी शर्मा ने रचा इतिहास
स्पेन में भीषण रेल हादसा: दो हाई-स्पीड ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर, 10 यात्रियों की मौत
भारत-न्यूजीलैंड चौथा टी20: ईडन पार्क में हाउसफुल का शोर, टूटेगा दर्शकों का बड़ा रिकॉर्ड
रामायण का लॉस एंजिल्स में भव्य प्रीमियर: यश के रावण अवतार ने बटोरी सुर्खियां, रणबीर-साई की एक्टिंग पर मिली-जुली राय
27 अक्टूबर 2026: गरुड़ शक्ति से लेकर फ्रांस के साथ ऐतिहासिक समझौते तक – प्रतियोगी परीक्षा स्पेशल