वाराणसी में चल रही एमएलसी चुनाव की मतगणना के बीच जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में है। एक तरफ पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल से तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया, तो दूसरी तरफ स्ट्रांगरूम के सीसीटीवी बंद होने के आरोपों ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संशय खड़ा कर दिया है।
मतगणना की कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल पहुंचने से काफी पहले ही बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया गया। पत्रकारों ने नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया है कि यदि कवरेज के लिए व्यवस्था की गई थी, तो मीडिया को इतनी दूर रोकने के पीछे क्या औचित्य था? सुरक्षा का हवाला देने वाली प्रशासन ने भी कवरेज के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, जिससे पत्रकारों का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पास वितरण की प्रक्रिया भी विवादों में है। आरोप है कि जिला सूचना विभाग ने चहेते लोगों को प्राथमिकता दी, जबकि कई स्थानीय पत्रकारों को पास से वंचित रखा गया। जब इस बाबत जिला सूचना अधिकारी एसएन पाल से सवाल किया गया, तो उन्होंने सारा दारोमदार आयोग पर डाल दिया। अब सवाल यह है कि यदि पास आयोग से आए थे, तो विभाग की भूमिका क्या महज एक पोस्ट ऑफिस की थी? लाभार्थियों के चयन का मानक क्या था, इसका जवाब कोई देने को तैयार नहीं है।
विपक्ष ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि रात के समय स्ट्रांगरूम के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे। यह आरोप तब और गंभीर हो जाता है जब दावा किया जाता है कि उस दौरान अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। सीसीटीवी का बंद होना लोकतंत्र की सबसे बड़ी इकाई—पारदर्शिता—पर सीधा प्रहार है। प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या यह महज तकनीकी खराबी थी या सोची-समझी साजिश।
प्रशासन की चुप्पी ने संदेह को और गहरा कर दिया है। सवाल यह है कि मीडिया को प्रवेश देने में इतनी हिलाहवाली क्यों की गई और कैमरे बंद होने के दावों पर तथ्यात्मक सफाई अब तक क्यों नहीं दी गई? जब तक जिला प्रशासन इन दोनों मामलों पर श्वेत पत्र जारी नहीं करता या ठोस जवाब नहीं देता, तब तक चुनावी शुचिता पर उठ रहे सवाल बदस्तूर जारी रहेंगे। पत्रकार और जनता अब प्रशासन से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।
*मतगणना केंद्र पर मीडिया की एंट्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तीन किलोमीटर पहले ही पत्रकारों को रोके जाने और कुछ पत्रकारों को प्रवेश पास नहीं मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। #Media #ElectionCounting #Journalism #CCTV #UPNews #Administration #NavbharatLive https://t.co/F6qz8envjw
— NavBharat Live (@TheNavbharatliv) October 27, 2026
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