500 करोड़ का ऑडियो बम : मनोज जरांगे विवाद की जांच के लिए SIT गठित, फडणवीस के सख्त निर्देश
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महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में सामने आए 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन और विवादित ऑडियो क्लिप मामले ने तूल पकड़ लिया है। मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुंबई पुलिस ने औपचारिक रूप से एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

सख्त निर्देश और SIT की कमान उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कड़े निर्देशों के बाद मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने इस मामले में जांच के आदेश दिए। तीन सदस्यीय इस SIT का नेतृत्व दक्षिण क्षेत्र के अपर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवड़े करेंगे।

टीम में उनके साथ पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर (जोन 3) और साइबर क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त बजरंग बंसोडे को शामिल किया गया है। एसआईटी प्रमुख को अपनी कार्यकुशलता के अनुसार अन्य अधिकारियों को भी इस जांच में शामिल करने का अधिकार दिया गया है।

क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत 22 अक्टूबर को हुई, जब मनोज जरांगे पाटिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की। जरांगे का दावा है कि विधानसभा चुनाव से पहले उनके आंदोलन को प्रभावित करने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा एकनाथ शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये का इंतजाम करने की कोशिश की गई।

ऑडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि श्रीकांत शिंदे के माध्यम से यह रकम जरांगे तक पहुंचाई गई है। इसमें मराठवाड़ा में जरांगे के बढ़ते प्रभाव को रोकने की चर्चा भी है।

साजिश बनाम झूठ: दोनों पक्षों का रुख मनोज जरांगे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है कि उन्होंने कोई पैसा लिया है। उनका कहना है कि यह ऑडियो उन्हें बदनाम करने की साजिश है। दूसरी ओर, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे ने आरोपों को आधारहीन बताया है। श्रीकांत शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि वे खुद उस व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं जिसे यह कथित 500 करोड़ रुपये दिए गए।

जांच का दायरा: फॉरेंसिक और तकनीक पर जोर SIT की मुख्य जिम्मेदारी ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच करना है। यह दल पता लगाएगा कि क्या इस ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है या इसे AI (कृत्रिम मेधा) तकनीक से तैयार किया गया है। इसके साथ ही, बातचीत करने वालों की पहचान और वित्तीय दावों के ठोस सबूतों की भी गहन पड़ताल की जाएगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने पहले ही सवाल उठाया था कि दो साल पुरानी बताई जा रही यह बातचीत चुनाव के ठीक पहले क्यों सामने आई। अब शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ED से जांच की मांग की है। अब सबकी निगाहें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या यह वाकई कोई बड़ा भ्रष्टाचार है या महज एक राजनीतिक स्टंट।

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