टीजीटी-पीजी‌टी भर्ती में आरक्षण और नियमावली का पेच: शिक्षा निदेशालय पहुंचे छात्रों का हल्ला बोल
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उत्तर प्रदेश में टीजीटी-पीजीटी शिक्षक भर्ती को लेकर प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार, 26 अक्टूबर को प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुट गए और नई नियमावली के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

क्या है अभ्यर्थियों की मुख्य मांग? छात्रों की सबसे प्रमुख मांग पुरानी नियमावली के तहत भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का एक अवसर दिए जाने की है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि नई नियमावली से उनकी पात्रता और चयन की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। वे लंबे समय से पुरानी व्यवस्था के तहत परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।

आरक्षण में विसंगति का गंभीर आरोप इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उनका आरोप है कि भर्ती में 10% ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण के मुकाबले सामान्य से डेढ़ गुना अधिक सीटें दी गई हैं, जबकि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए सीटों की संख्या काफी कम है। छात्रों का कहना है कि यह लॉजिकल डिसक्रेपेंसी (तार्किक विसंगति) सीधे तौर पर भेदभाव को दर्शाती है।

प्रशासन से वार्ता रही बेनतीजा धरने पर बैठने से पहले, अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की थी। छात्रों का कहना है कि अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को सुना तो सही, लेकिन समाधान की दिशा में कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया। अधिकारियों के उदासीन रवैये के बाद ही छात्रों ने निदेशालय परिसर में धरना देने का कठोर निर्णय लिया।

भविष्य पर मंडराते संकट के बादल आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय ने कहा कि अभ्यर्थी भारी मानसिक तनाव में हैं। उनके अनुसार, नई नियमावली उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्र चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से ले और भर्ती के नियमों में ढील देते हुए उन्हें पुरानी नियमावली के तहत आवेदन करने का मौका दे।

आगे क्या होगा? प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बातें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल, शिक्षा निदेशालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छात्रों का प्रदर्शन जारी है।

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