आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में पूरी दुनिया तेजी से डेटा सेंटर बनाने में जुटी है। इस बीच, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारत को AI डेटा सेंटर का वैश्विक केंद्र बनाने का बड़ा दावा किया है। उनका मानना है कि भारत के पास वे बेजोड़ खूबियां हैं, जो इसे अन्य विकसित देशों से काफी आगे खड़ा करती हैं।
भारत में डेटा सेंटर बनाना सबसे सस्ता अनिल अग्रवाल के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर निर्माण की लागत दुनिया में न्यूनतम है। आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत में प्रति वॉट निर्माण लागत सिर्फ 6.83 अमेरिकी डॉलर है। यह लागत अमेरिका (12.08 डॉलर) और यूरोप (12.75 डॉलर) की तुलना में करीब आधी है। ताइवान, कतर और यूएई जैसे देशों से भी भारत का बाजार कहीं अधिक किफायती साबित हो रहा है।
रिन्यूएबल एनर्जी में भारत की बड़ी बढ़त अग्रवाल ने जोर दिया कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) के क्षेत्र में अपने तय लक्ष्यों से काफी आगे है। फिलहाल भारत रिन्यूएबल एनर्जी के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। डेटा सेंटर चलाने के लिए बिजली सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, और भारत का पावर जनरेशन नेटवर्क इसे एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
समुद्र और भूगोल का मिलता है फायदा डेटा सेंटर के भविष्य को देखते हुए अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में डेटा सेंटर समुद्र के भीतर स्थापित होंगे। भारत अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण बेहद भाग्यशाली है। भारत के तीन तरफ समुद्र है और इसकी समुद्री क्षेत्रीय सीमाएं देश के कुल भूभाग का 70 प्रतिशत हिस्सा कवर करती हैं। यह विशाल भूगोल डेटा सेंटर की स्थापना के लिए एक रणनीतिक बढ़त है।
1.5 अरब उपभोक्ताओं का बड़ा बाजार भारत की मजबूती का एक बड़ा आधार यहाँ की 1.5 अरब की आबादी है। यह विशाल डेटा बेस दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते खपत बाजार का प्रतिनिधित्व करता है। अग्रवाल का कहना है कि वैश्विक निवेशकों को इस आकर्षक अर्थव्यवस्था में निवेश करने का यह बेहतरीन अवसर है।
रोजगार सृजन का सनराइज सेक्टर उन्होंने डेटा सेंटर इकोनॉमी को एक सनराइज सेक्टर करार दिया है। वैश्विक कंपनियां अब डेटा सेंटर चलाने के लिए 20 साल तक के लंबे पावर समझौते (PPA) कर रही हैं। इस सेक्टर में निवेश न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भविष्य की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में भी मदद करेगा।
At a time when the whole world is focusing on building data centres for AI, India has many advantages.
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) October 26, 2026
The cost of building data centres is the lowest in the world, at half the cost per watt of US and Europe.
India has a huge potential for power generation, particularly… pic.twitter.com/b5RwQ6wKMa
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