फ्रांस में बढ़ती महंगाई और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन हिंसक मोड़ ले चुके हैं। पेरिस सहित कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भयंकर झड़पें देखने को मिली हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अब सख्ती बढ़ा दी है।
साइंसेज पो पेरिस में पुलिस का बल प्रयोग पेरिस के प्रतिष्ठित साइंसेज पो पेरिस संस्थान को ब्लॉक करने वाले छात्रों को हटाने के लिए दंगा-रोधी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को रेलिंग की तरफ धकेलते और उन्हें सड़क पर घसीटते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान पुलिस ने लाठियों का भी जमकर इस्तेमाल किया।
घायल हुए 53 पुलिसकर्मी गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार, हालिया प्रदर्शनों के दौरान 53 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में करीब 4.10 लाख लोग सड़कों पर उतरे। हालांकि, श्रमिक संगठनों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों की संख्या 8 लाख से अधिक थी। हिंसा और तोड़फोड़ के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम और सख्त कर दिए हैं।
नीस में चरम-दक्षिणपंथी गुटों पर कार्रवाई दक्षिणी शहर नीस में पुलिस ने 59 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से 11 संदिग्ध चरम-दक्षिणपंथी समूहों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन लोगों के पास से मास्क, दस्ताने, गैस स्प्रे और डंडे बरामद किए गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वे सुनियोजित हिंसा के इरादे से वहां आए थे।
शांतिपूर्ण मार्च और नकाबपोशों का उत्पात पेरिस का मार्च दोपहर तक शांतिपूर्ण रहा, जहां परिवार और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। लेकिन दिन ढलते ही पोर्टे डी विन्सेनेस के पास काले कपड़े पहने और नकाबपोश उपद्रवी सामने आ गए। इन लोगों ने पुलिस पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
सरकार बनाम प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय पुलिसिया दमन का सहारा ले रही है। उन्होंने बैनर के जरिए सरकार को चेतावनी दी है कि दमन से ही विद्रोह का जन्म होता है। वहीं, सरकार का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों और कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
Intervention des gendarmes pour évacuer des étudiants qui bloquaient Sciences Po Paris ce matin.#17octobre #24octobre pic.twitter.com/QwEyL65R6E
— Luc Auffret (@LucAuffret) October 22, 2026
बिजली गुल, सप्लाई ठप... फिर भी 90 दिन नहीं रुकेगी अमेरिकी सेना: क्या है पेंटागन का FORTRESS प्लान?
शुक्र है राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा : वोटर लिस्ट की गलती पर यूपी के CEO का तंज
रजनीकांत की धर्मन में नयनतारा की धमाकेदार एंट्री, 5 साल बाद फिर दिखेगी सुपरहिट जोड़ी
रामायण का हल्दी सीन या मिथिला का चुमावन ? रणबीर कपूर पर लगे पीले लेप ने छेड़ी नई बहस
वकालत से क्रिकेट के मैदान तक: किम कॉटन ने अंपायरिंग में रचा इतिहास
गुल्लक तोड़ी, सपने छोड़े और किसानों के लिए खोले दिल: नन्हीं वरदा की दरियादिली ने जीता सबका दिल
कौन हैं कृष्णा दास? जिनके सामने विराट-अनुष्का ने टेके सिर, मुंबई के कीर्तन में छाई भक्ति
लिकटेंस्टीन के राजकुमार एलॉइस का भारत आगमन: द्विपक्षीय संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत
दोहरा शतक चूकने पर अंपायर से भिड़े देवदत्त पडिक्कल, विवादित फैसले ने छीनी ऐतिहासिक पारी
दिल्ली: निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत