बिजली गुल, सप्लाई ठप... फिर भी 90 दिन नहीं रुकेगी अमेरिकी सेना: क्या है पेंटागन का FORTRESS प्लान?
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ईरान के साथ जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच अमेरिका एक नई रक्षा रणनीति पर काम कर रहा है। पेंटागन का लक्ष्य अपने सैन्य ठिकानों को इतना आत्मनिर्भर बनाना है कि युद्ध के दौरान नागरिक बुनियादी ढांचों के ध्वस्त होने का भी उन पर कोई असर न पड़े।

क्या है FORTRESS प्लान?

पेंटागन ने अपनी इस महत्वाकांक्षी पहल को FORTRESS (Federal Operations for Resilience, Troop Resources, Energy, Supply, and Survivability) नाम दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बड़े हमले, साइबर अटैक या पावर ग्रिड फेल होने की स्थिति में अमेरिकी सैन्य ठिकाने कम से कम 90 दिनों तक बिना किसी बाहरी मदद के पूरी क्षमता से काम करते रहें।

बिजली ही युद्ध है

पेंटागन के प्रवक्ताओं का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक युद्ध में बिजली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। बिजली के बिना संचार, पानी की आपूर्ति, रसद (लॉजिस्टिक्स) और बुनियादी सैन्य ढांचा ठप हो जाता है। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए अमेरिका अपने ठिकानों को राष्ट्रीय पावर ग्रिड से पूरी तरह अलग करने की योजना बना रहा है।

परमाणु रिएक्टर और बैटरी स्टोरेज का सहारा

इस आत्मनिर्भरता को हासिल करने के लिए पेंटागन पोर्टेबल परमाणु रिएक्टरों और बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर निवेश कर रहा है। इन तकनीकों के जरिए सैन्य ठिकाने अपनी खुद की बिजली पैदा करेंगे और बाहरी ग्रिड पर निर्भर नहीं रहेंगे। इसके अलावा, ईंधन, हथियारों और रसद के बड़े सुरक्षित भंडार भी तैयार किए जा रहे हैं।

नागरिक ढांचे पर निर्भरता खत्म करने की कोशिश

पेंटागन का मानना है कि राष्ट्रीय रक्षा के लिए आम नागरिक बुनियादी सुविधाओं पर निर्भर रहना एक गंभीर सुरक्षा जोखिम है। ऐसे में, अब युद्ध के समय सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए कारखानों को रक्षा उत्पादन के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है।

क्यों चिंतित है ट्रंप प्रशासन?

ट्रंप प्रशासन की मुख्य चिंता यह है कि भविष्य के युद्धों में दुश्मन देश अमेरिका की मुख्य भूमि (Mainland) पर स्थित बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकते हैं। पेंटागन का फोर्ट्रेस प्लान इसी खतरे को देखते हुए एक नेशनल इंश्योरेंस पॉलिसी के रूप में देखा जा रहा है, ताकि दुश्मन की किसी भी कोशिश के बावजूद अमेरिकी सैन्य अभियान की रफ्तार न रुके।

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